
रक्सौल।(Vor desk)।आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले एमडीए फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए रक्सौल पीएचसी परिसर में ब्लॉक लेवल टास्क फोर्स (बीएलटीएफ) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी जय प्रकाश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि इस 17 दिवसीय अभियान के दौरान दो वर्ष से ऊपर के सभी आयु वर्ग के लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जाएगी। अभियान के शुरुआती 14 दिनों तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपने समक्ष दवा खिलाएंगी, जबकि अंतिम तीन दिनों में स्कूल और कार्यालयों में बूथ स्तर पर दवा खिलाने का कार्य किया जाएगा।
चिकित्सा पदाधिकारी ने दवा की खुराक स्पष्ट करते हुए बताया कि 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को एक-एक एल्बेंडाजोल व डीईसी, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को एक एल्बेंडाजोल व दो डीईसी तथा 14 वर्ष से ऊपर के लोगों को एक एल्बेंडाजोल व तीन डीईसी की गोलियां खिलाई जानी हैं। उन्होंने विशेष रूप से सचेत किया कि गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। साथ ही, दवा का सेवन खाली पेट बिल्कुल नहीं करना है। इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए गठित बीएलटीएफ की टीम समय-समय पर निरीक्षण भी करेगी।
बैठक में डब्ल्यूएचओ के एफएम नूर सलाम, बीसीएम सुमित सिन्हा, जीविका के बीपीएम विक्रम कुमार, पिरामल के एमडीएसी देवेश मिश्रा, बीआरसी से मनोज कुमार, महिला पर्यवेक्षिका मारिया बेगम व मंजू कुमारी, प्रयास संस्था की कॉर्डिनेटर आरती कुमारी, राज गुप्ता और एमएफबीएच से दीपक कुमार सहित कई अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने और फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
