
रक्सौल।(Vor desk)। प्रखंड क्षेत्र के विद्यालयों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शहीद दिवस के रूप में श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाई गई। इस क्रम में राजकीय प्राथमिक विद्यालय राष्ट्रीय गांधी में प्रधानाध्यापक मुनेश राम तथा राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरतमही में प्रधानाध्यापक छोटेलाल राय की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति में महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात बच्चों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया गया।
प्रधानाध्यापक मुनेश राम ने कहा कि महात्मा गांधी का कृतित्व शिक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है। बापू का मानना था कि शिक्षा केवल अक्षर-ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम है। उन्होंने बुनियादी शिक्षा के माध्यम से श्रम, स्वावलंबन और नैतिकता को जोड़ने का कार्य किया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता, समय पालन और समानता का व्यवहार ही गांधी जी की सच्ची शिक्षा है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों में नैतिक मूल्यों को विकसित करने हेतु यह जागरूकता अभियान विद्यालय स्तर पर निरंतर चलाया जा रहा है, जिसे वे आगे भी जारी रखेंगे।
वहीं, उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरतमही में प्रधानाध्यापक छोटेलाल राय ने कहा कि गांधी जी का जीवन सिखाता है कि सत्य और अहिंसा से बड़े से बड़ा संघर्ष जीता जा सकता है। उन्होंने छात्रों से शिक्षा को समाज परिवर्तन का माध्यम बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने बापू के व्यक्तित्व और कृतित्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के विचारों से जोड़ते हुए नैतिक, सामाजिक और शैक्षणिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
