Saturday, March 7

रक्सौल बॉर्डर की नई पहचान: 100 फीट की ऊंचाई पर लहराया तिरंगा, मैत्री पुल पर दिखा देश का गौरव

रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)।ब्यूरो रिपोर्ट

26 जनवरी 2026: भारत-नेपाल मैत्री की जीवंत गवाह रक्सौल सीमा पर आज एक नया इतिहास रचा गया। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर रक्सौल बॉर्डर स्थित मैत्री पुल और लैंड कस्टम कार्यालय के समीप 100 फीट ऊंचे भव्य राष्ट्रीय ध्वज (High Mast Flag) का अनावरण किया गया। पश्चिम चंपारण के सांसद सह बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने वैदिक मंत्रोच्चार और राष्ट्रगान की गूंज के बीच तिरंगा फहराकर इसे राष्ट्र को समर्पित किया।नगर परिषद रक्सौल द्वारा स्थापित यह हाई मास्ट तिरंगा अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत के स्वाभिमान का प्रतीक बनकर दूर से ही दिखाई देगा।

नेपाल गेट के जवाब में भारत की बुलंद पहचान

​विदित हो कि रक्सौल-वीरगंज सीमा विदेशी सैलानियों और व्यापार के लिए नेपाल का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार है। नेपाल की ओर भव्य ‘शंकराचार्य गेट’ (नेपाल गेट) वहां की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करता है, लेकिन भारतीय क्षेत्र में ऐसी किसी स्थायी पहचान की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। हालांकि ‘इंडिया गेट’ का निर्माण अभी भी प्रस्तावित है, परंतु इस विशाल तिरंगे ने सीमा पर भारतीय संप्रभुता और गौरव को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।

​केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के निर्देशों का दिखा असर

​इस परियोजना की पृष्ठभूमि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के उस दौरे से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने मैत्री पुल का निरीक्षण किया था। नेपाल की ओर के सौंदर्यीकरण को देखते हुए उन्होंने रक्सौल बॉर्डर को भी विश्वस्तरीय स्वरूप देने और सजाने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और नगर परिषद रक्सौल की सक्रियता से इस हाई मास्ट फ्लैग को स्थापित किया गया है।इस ध्वज ने सीमा की भव्यता में चार चांद लगा दिया है।

खबर के मुख्य आकर्षण:

  • दूर से ही होगी पहचान: 100 फीट ऊंचा तिरंगा अब नेपाल से आने वाले यात्रियों को दूर से ही भारत की सीमा का आभास कराएगा।
  • सेल्फी पॉइंट और सौंदर्यीकरण: नगर परिषद द्वारा यहाँ विशेष लाइटिंग और रंग-रोगन की योजना है।नगर परिषद की कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी और नगर परिषद के ईओ डा मनीष कुमार ने बताया कि बोर्डर को जल्द ही साफ सुथरा, भव्य और आकर्षक बनाने की योजना प्रेम शुरू होगा।फिलहाल यह स्थल पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ‘सेल्फी पॉइंट’ बन गया है।
  • सुरक्षा और स्वाभिमान: एसएसबी (SSB) और कस्टम विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन ने सुरक्षा बलों के मनोबल को भी नई ऊर्जा दी है।

यह तिरंगा रक्सौल बॉर्डर पर भारत के स्वाभिमान और अटूट एकता का प्रतीक बनेगा। अब सीमा पर आने वाला हर व्यक्ति राष्ट्रभक्ति के गौरवपूर्ण अहसास से सराबोर होगा।” > — डॉ. संजय जायसवाल, सांसद

उत्सव का माहौल

​उद्घाटन के दौरान पूरा सीमा क्षेत्र ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान रहा। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस पहल से न केवल रक्सौल की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि भी मजबूत होगी।

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