
इमिग्रेशन जांच में धराया, बेंगलुरु पुलिस टीम को सौंपा गया
रक्सौल ।(Vor desk)।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रक्सौल स्थित भारतीय आव्रजन (इमिग्रेशन) कार्यालय ने दुबई फरार होने की कोशिश कर रहे कथित अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग गिरोह के मास्टरमाइंड को दबोच लिया है। पकड़ा गया आरोपी दत्तात्रेय बकाले (Dattatraya Bakale) बेंगलुरु पुलिस का ‘मोस्ट वांटेड’ अपराधी है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहा था।
एनओसी लेने पहुंचा था आरोपी, ऐसे खुली पोल
जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के गदग निवासी दत्तात्रेय बकाले 20 जनवरी 2026 की रात लगभग 09:05 बजे नेपाल जाने के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेने रक्सौल कार्यालय पहुंचा था। जांच के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जब अधिकारियों ने डेटाबेस खंगाला, तो पता चला कि वह बेंगलुरु के सीईएन (CEN) नॉर्थईस्ट डिवीजन थाने का वांछित अभियुक्त है। वह रक्सौल के रास्ते नेपाल और फिर वहां से दुबई भागने की योजना बना रहा था।
गोल्ड स्मगलिंग और साइबर फ्रॉड का है मास्टरमाइंड
बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक, दत्तात्रेय के खिलाफ गोल्ड स्मगलिंग और आईटी एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उस पर 15 जनवरी 2025 को बेंगलुरु में प्राथमिकी (FIR No. 26/2025) दर्ज की गई थी, जिसमें आईटी एक्ट की धारा 66(D) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) व 319(2) शामिल हैं। कथित तौर पर वह एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का संचालन दुबई से कर रहा था और सूचना तकनीक के जरिए बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और सोने की तस्करी में संलिप्त था।
बेंगलुरु पुलिस की टीम अभियुक्त को ले गई साथ
इमिग्रेशन विभाग ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसका पासपोर्ट (सं. T5697436) जब्त कर लिया और उसे स्थानीय हरैया थाना को सुपुर्द कर दिया। हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार ने मामले की जानकारी तुरंत बेंगलुरु पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बेंगलुरु पुलिस की टीम रक्सौल पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अभियुक्त को अपनी हिरासत में ले लिया। आगे की पूछताछ के लिए उसे बेंगलुरु ले जाया गया है।
सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सीमा सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। पुलिस अब दत्तात्रेय के स्थानीय संपर्कों और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है। इसे सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
