
स्वयं की गाड़ी से घायल को पहुँचाया अस्पताल; राहगीर बने रहे तमाशबीन, अधिकारी ने बढ़ाया हाथ
आदापुर (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)।पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर-रक्सौल मुख्य पथ पर मानवता को गौरवान्वित करने वाला एक मामला सामने आया है। जहाँ एक तरफ सड़क हादसे के बाद लोग मदद करने के बजाय कतराते नजर आए, वहीं रक्सौल एसडीपीओ (SDPO) मनीष आनंद ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सड़क किनारे तड़प रहे एक युवक की जान बचाई। अधिकारी ने न केवल अपना काफिला रोका, बल्कि प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना घायल को अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल पहुँचाकर भर्ती कराया।
भीषण हादसे के बाद अचेत पड़ा था सानू
जानकारी के अनुसार, आदापुर थाना क्षेत्र के अररा गांव निवासी सुनील पासवान का 27 वर्षीय पुत्र सानू कुमार बीती रात करीब 8 बजे बाइक दुर्घटना का शिकार हो गया था। कचूरबारी और बरवा के बीच नहर पथ पर वह लहूलुहान और अचेत अवस्था में पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक काफी समय तक वहां पड़ा रहा और कई लोग पास से गुजरे, लेकिन किसी ने रुकने की जहमत नहीं उठाई।
अधिकारी ने दिखाया सेवा भाव
उसी दौरान एसडीपीओ मनीष आनंद छोड़ादानो से रक्सौल की ओर लौट रहे थे। सड़क किनारे घायल युवक पर नजर पड़ते ही उन्होंने तुरंत वाहन रुकवाया। युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय उसे खुद उठाकर अपनी सरकारी गाड़ी में लिटाया और सीधे रक्सौल स्थित एसआरपी अस्पताल ले गए। वहां उन्होंने चिकित्सकों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित इलाज शुरू करने का निर्देश दिया।
परिजनों को दी गई सूचना
आदापुर थानाध्यक्ष ने बताया कि घायल युवक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल चिकित्सकों की देखरेख में सानू का इलाज जारी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
पूरे क्षेत्र में हो रही सराहना
सड़क पर तड़पते युवक को अनदेखा कर निकलने वाले राहगीरों के बीच अधिकारी द्वारा किए गए इस नेक कार्य की चहुंओर सराहना हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अधिकारी समय पर नहीं पहुँचते, तो युवक के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। मनीष आनंद के इस मानवीय चेहरे ने खाकी के प्रति आम जनता के विश्वास को और मजबूत किया है।
