
वीरगंज/भक्तपुर।(Vor desk)। नेपाल में आम चुनाव की आहट के बीच मधेस प्रदेश की राजनीति ने एक नया और अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है। सीमावर्ती जिले पर्सा के कद्दावर नेता और निवर्तमान सांसद प्रदीप यादव के नेतृत्व में रविवार रात एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के साथ वीरगंज के मेयर राजेशमान सिंह सहित जसपा के कई दिग्गज नेताओं ने नेकपा एमाले का दामन थाम लिया। इस सामूहिक दल-बदल को पर्सा की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
भक्तपुर के गुंडू स्थित एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के निजी निवास पर आयोजित एक भव्य स्वागत समारोह में इन नेताओं ने एमाले की सदस्यता ग्रहण की। स्वयं अध्यक्ष ओली ने पूर्व मंत्री प्रदीप यादव, जसपा के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद इस्तियाक राई, वीरगंज महानगरपालिका के मेयर राजेशमान सिंह, पूर्व प्रदेश सभा सदस्य जन्नत अंसारी और जिला समन्वय समिति के प्रमुख अजय सर्राफ को खादा और माला पहनाकर पार्टी में शामिल किया।
पर्सा की सत्ता संरचना में इस बदलाव का असर केवल शीर्ष स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय निकायों में भी एमाले की पकड़ मजबूत हुई है। प्रदीप यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, वीरगंज महानगर के आधा दर्जन से अधिक वडा अध्यक्षों—अजय चौरसिया (वडा-11), महबूब इलाही (वडा-14), रमेश यादव (वडा-15), राधाकृष्ण रौनियार (वडा-23), मनोज यादव (वडा-30) और महमद रियाज (वडा-32)—ने भी एक साथ एमाले की शपथ ली। इसके अलावा पर्सागढ़ी नगरपालिका के कार्यपालिका सदस्य असलम आलम और पूर्व जिला प्रमुख नेक महमद अंसारी भी इस नई राजनीतिक पारी का हिस्सा बने हैं।
इस अवसर पर एमाले के केंद्रीय सचिव महेश बस्नेत, वीरगंज के पूर्व मेयर विजय सरावगी, एमाले पर्सा इंचार्ज प्रभु हजरा और मधेस प्रदेश उपाध्यक्ष विचारी यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और अधिक वजन दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जसपा और जसपा नेपाल के इन प्रमुख चेहरों के एमाले में जाने से मधेस प्रदेश के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जिसका सीधा लाभ आगामी चुनाव में केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली एमाले को मिलना लगभग तय है।
