Saturday, March 7

रक्सौल में चार दिन चली IT और ED की मैराथन छापेमारी , चौथे दिन की जांच के बाद लौटने लगी टीमें


​रक्सौल। (VOR desk) भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर रक्सौल में पिछले चार दिनों से जारी आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई मंगलवार देर शाम समाप्ती की ओर बढ़ती दिखी ।एक महिला निदेशक (डायरेक्टर स्तर की अधिकारी) के नेतृत्व में आई टीमों ने शहर के विभिन्न ठिकानों पर सघन जांच के बाद वापसी शुरू कर दी है। हालांकि,टीम के कई अधिकारी और सुरक्षा कर्मी अभी भी शहर के ‘विभिन्न अड्डों ‘पर जमे हुए हैं ।विभाग की ओर से अब तक किसी भी आधिकारिक बरामदगी या विवरण की घोषणा नहीं की गई है।हालाकि,जांच के सिलसिले में कुछ लोगों को नियंत्रण में लेने की भी चर्चा है।

इन ठिकानों पर केंद्रित रही कार्रवाई

जांच टीम ने मुख्य रूप से रक्सौल के लक्ष्मीपुर स्थित हीरो एजेंसी और तनिष्क शोरूम में अपनी उपस्थिति बनाए रखी। मंगलवार देर शाम शोरूम के साथ-साथ संचालक मोहम्मद कलीम के आवास से भी टीम के निकलने की सूचना मिली। इसके अलावा उनके रिश्तेदारों, मोहम्मद वसीम और जावेद के परिसरों पर भी कागजी दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई।उनके चार्टड एकाउंटेंट्स और एकाउंटेंट्स भी जांच के दायरे में रहे। विभिन्न दस्तावेज,पासबुक,बैंक लॉकर,लैंड प्रापर्टी अन्य परिसंपत्तियां भी जांच के दायरे में रही।सूत्रों को मानें तो मामले के तार नेपाल और भारत के कई महानगरों से भी जुड़े होने की चर्चा बनी हुई है। झारखंड, पटना, मुजफ्फरपुर से आई आयकर विभाग की टीम के द्वारा रक्सौल के करीब एक दर्जन जगहों पर बारीकी से गहन जांच में जुटी रही । इस जांच के दौरान लेनी-देनी पंजी, कंप्यूटरों की डाटा, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा आदि भी खंगाली गई है।कुछ तथ्य ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिनका संबंध दोहरी नागरिकता से हो सकता है। इसे लेकर ईडी और आयकर विभाग ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

​पैतृक गांव से लेकर फाइनेंस कंपनियों तक दबिश


​छापेमारी के अंतिम दिन टीम आदापुर स्थित संचालक के पैतृक गांव विशुनपुरवा भी पहुंची।टीम वहां सोमवार तक रही थी,बावजूद मंगलवार को जाने के बाद कई अटकलें रही। वहीं, शहर के बैंक रोड (ओल्ड आईओसी रोड) और आश्रम रोड सहित अन्य ठिकानों पर भी घंटों जांच चली। सूत्रों के अनुसार, शहर की वैसी निजी फाइनेंस कंपनियां जो ब्याज और डेली कलेक्शन के कारोबार से जुड़ी हैं, वे भी टीम के रडार पर रहीं। जांच के दौरान शहर के मुख्य पथ पर स्थित एक आवासीय होटल में भी अधिकारियों ने दबिश दी।यही नहीं ग्रामीण क्षेत्र तक टीम ने पहुंच कर जांच की।

कई एंगल से चल रही है जांच

​सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, आर्थिक अपराध, हवाला कारोबार, मनी एक्सचेंज और गोल्ड स्मगलिंग जैसे गंभीर मामलों पर केंद्रित रही है। इस मामले के तार पटना से भी जुड़े होने की खबर है, जहां कुछ ठिकानों पर रेड की सूचना मिली है।हालाकि,इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्यों शुरू हुई व्यवसायी के घर पर छापेमारी की कार्रवाई

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी कार्रवाई की शुरुआत आखिर व्यवसायी के घर से ही क्यों हुई। इसे लेकर रक्सौल के चौक–चौराहों पर चर्चा का बाजार गर्म है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े कारोबारी तक जांच एजेंसियां कैसे पहुंचीं और कौन सा ऐसा सुराग हाथ लगा, जिसके बाद रक्सौल के इतिहास की यह अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी शुरू हुई।हालाकि,व्यवसाई की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है,लेकिन,टीम के लौटने के बाद एजेंसी कर्मियों और शुभ चिंतकों ने हीरो शो रुम के आगे आतिशबाजी की,जो चर्चे में रही ।

​ब्रीफिंग का इंतजार

​भले ही टीमें ठिकानों से निकल चुकी हैं, लेकिन कई वरिष्ठ अधिकारी अभी भी रक्सौल के विभिन्न होटलों में कैंप कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि पटना मुख्यालय पहुंचने के बाद विभाग इस पूरी कार्रवाई पर औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग जारी करेगा। फिलहाल, चार दिनों तक चली इस बड़ी कार्रवाई से स्थानीय व्यवसायियों और भू-माफियाओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!