
रक्सौल।(Vor desk)। बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी और मिलावट के एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त किया है। रामगढ़वा थाना क्षेत्र के मझरिया गांव में चल रहे एक संगठित तेल कटिंग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन मुख्य तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। यह गिरोह न केवल नेपाली टैंकरों से तेल की चोरी करता था, बल्कि घातक केमिकल मिलाकर नकली डीजल भी तैयार कर रहा था।
एसपी की गुप्त सूचना पर बड़ी स्ट्राइक
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को मझरिया गांव में चल रहे इस अवैध कारोबार की सटीक सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद के नेतृत्व में एक ज्वाइंट स्पेशल टीम का गठन किया। इस टीम में रक्सौल, आदापुर, पलनवा समेत पांच थानों की पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIO) के जांबाज जवानों को शामिल किया गया।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस की अचानक घेराबंदी से मौके पर हड़कंप मच गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित बरामदगी की:
50 ड्रम से अधिक डीजल: जिसे अवैध रूप से टैंकरों से निकाला गया था।
मिलावटी केमिकल: नकली डीजल तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में रासायनिक पदार्थ।
उपकरण: तेल कटिंग और मिक्सिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले पंप और अन्य पाइप,उपकरण आदि।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
गिरफ्तार तस्करों से पुलिस की विशेष टीम कड़ी पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी इस जहरीले और नकली डीजल की सप्लाई करता था।
एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि, “यह एक बड़ा नेटवर्क है जो वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचाने वाले नकली तेल का व्यापार कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य मददगारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
(रिपोर्ट:लव कुमार)
