
वीरगंज।(Vor desk)। वीरगंज की जीवनरेखा मानी जाने वाली सरिसवा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ‘जेन-जी’ (Gen Z) पीढ़ी के युवाओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ‘सरिसवा नदी बचाओ अभियान’ के तहत युवाओं ने बुधवार को वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि गौतम को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी चेतावनी दी है। युवाओं का कहना है कि यदि नदी को प्रदूषित कर रहे उद्योगों के खिलाफ 72 घंटों के भीतर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगामी शनिवार से उद्योग वाणिज्य संघ के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना और विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
पर्सा-बारा औद्योगिक कॉरिडोर के उद्योगों द्वारा पिछले तीन दशकों से नदी में जहरीला कचरा, रासायनिक अपशिष्ट और प्रदूषित पानी बहाया जा रहा है, जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में है। अभियान के नेतृत्वकर्ता किसु सर्राफ के अनुसार, उद्योगों की इस मनमानी के कारण नदी के आसपास की दर्जनों बस्तियों के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और खेती योग्य भूमि की उर्वरता भी नष्ट हो गई है। नदी में रहने वाले जीव जंतु लगभग विलुप्त हो चुके हैं, जो पर्यावरण संतुलन के लिए एक बड़ा खतरा है।
गौरतलब है कि वीरगंज महानगरपालिका और अन्य संस्थाओं द्वारा पिछले एक दशक से किए जा रहे प्रयास विफल रहने के बाद अब युवाओं ने खुद कमान संभाली है। इस अभियान के पहले चरण में पिछले शनिवार को युवाओं ने नदी का गंदा पानी बोतलों में भरकर जिला प्रशासन और महानगरपालिका को ‘उपहार’ के रूप में भेंट किया था। अब युवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उद्योग वाणिज्य संघ अपने सदस्य उद्योगों पर लगाम नहीं लगाता है, तो शनिवार से संघ के कार्यालय परिसर में जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा।
