Saturday, March 7

रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल में एसडीएम मनीष कुमार ने किया औचक निरीक्षण : गायब मिले डॉक्टर, दिखी गंदगी और बदहाली !

​रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार की रात करीब 8 बजे एसडीएम मनीष कुमार ने औचक निरीक्षण किया,जिसमे कुव्यवस्था सामने आई। कड़ाके की ठंड में गरीबों को कंबल बांटने निकले एसडीएम अचानक अस्पताल जा पहुंचे। वहां की अव्यवस्था और लापरवाही देख एसडीएम का पारा चढ़ गया, जिसके बाद उन्होंने लापरवाह कर्मियों को फटकार भी लगाई।

​इमरजेंसी से डॉक्टर नदारद, सफाई के नाम पर खानापूर्ति

​निरीक्षण के दौरान अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। 24 घंटे ड्यूटी के अनिवार्य नियम के बावजूद वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एसडीएम ने जब वहां तैनात जीएनएम और गार्ड से पूछताछ की, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। काफी देर बाद पहुंचे डॉक्टर को एसडीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए अनुशासन की चेतावनी दी। इसके अलावा प्रसव पूर्व वार्ड में गंदगी का अंबार लगा मिला और मरीजों के बेड पर चादरें तक नहीं थीं।​निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष में एएनएम रश्मि कुमारी और अर्चना कुमारी उपस्थित पाई गईं, लेकिन अस्पताल के बाकी हिस्सों में व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त मिली। एसडीएम के इस कड़े रुख से अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।

​मरीज ठंड में ठिठुर रहे, अस्पताल ने अब शुरू की कंबलों की खरीद


​निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि भीषण शीतलहर के बावजूद वार्ड में भर्ती मरीजों को कंबल उपलब्ध नहीं कराए गए थे। जब एसडीएम ने इस पर सवाल किया, तो मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय कुमार ने सफाई दी कि कंबलों की खरीदारी आज ही पूरी हुई है और अगले दिन बांटे जाएंगे। इस पर एसडीएम ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या हर साल ठंड बीतने के बाद कंबल खरीदे जाते हैं? उन्होंने एक पखवाड़े से मरीजों को हो रही परेशानी पर कड़ी नाराजगी जताई।

​लापरवाह कर्मियों पर गिरेगी गाज, विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट

​एसडीएम मनीष कुमार ने अस्पताल प्रबंधन और सफाई एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा:
​”अस्पताल में कुव्यवस्था चरम पर है। डॉक्टर का समय पर न होना, साफ-सफाई का अभाव और ठंड में मरीजों को कंबल न मिलना गंभीर लापरवाही है। अस्पताल प्रबंधन को ‘कारण बताओ’ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है। सभी कमियों को सूचीबद्ध कर उच्चाधिकारियों और विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है ताकि दोषियों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।”

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