
रक्सौल।(Vor desk)। बिहार विधानसभा चुनाव में ‘बुलडोजर बाबा’ यानी योगी आदित्यनाथ के धुआंधार दौरों का असर अब सरहदी शहर रक्सौल की सड़कों पर साफ दिखने लगा है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी रक्सौल विधान सभा क्षेत्र सहित नगर परिषद की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास करने पहुंच रहे हैं। उनके आगमन से ठीक पहले स्थानीय प्रशासन ने शहर को जाम मुक्त करने के लिए ‘बुलडोजर नीति’ अपना ली है।
शुक्रवार को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार के नेतृत्व में जैसे ही सरकारी बुलडोजर सड़कों पर उतरा, अतिक्रमणकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हजारीमल स्कूल से लेकर बाटा चौक तक सड़क किनारे सजी अवैध दुकानों, गुमटियों और झोपड़ियों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया गया। खास बात यह रही कि इस बार कार्रवाई की जद में बाटा चौक से रेलवे ढाला के बीच चलने वाले वे ‘सटही काउंटर’ भी आए, जहाँ सरेआम नोटों की अदला-बदली का अवैध कारोबार होता था। प्रशासन के कड़े रुख को देखकर ऐसा लगा मानो बिहार में भी अब यूपी की तर्ज पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू हो गई है।
हालांकि, डंकन रोड पर प्रशासन को कड़े विरोध का सामना भी करना पड़ा। वहां बुलडोजर चलता देख स्थानीय लोग और दुकानदार आक्रोशित हो गए, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। कुछ दुकानदारों ने प्रशासन पर निजी जमीन तोड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और नगर परिषद कर्मियों के साथ उनकी तीखी झड़प भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

सिटी मैनेजर अविनाश कुमार राव ने दोटूक शब्दों में कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ यह जंग रुकने वाली नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग खुद से अवैध कब्जा नहीं हटाएंगे, उनके खिलाफ न केवल प्राथमिकी दर्ज होगी, बल्कि बुलडोजर चलाने का खर्च भी उन्हीं की जेब से वसूला जाएगा। इस पूरे अभियान में सफाई इंस्पेक्टर राम नरेश कुशवाहा, राकेश रंजन और हिमांशु रंजन समेत पूरी टीम मुस्तैद रही। फिलहाल, सम्राट चौधरी के स्वागत से पहले रक्सौल की सड़कों का हुलिया बदल चुका है और फुटपाथ पूरी तरह साफ नजर आ रहे हैं।
