Sunday, March 8

उपमुख्यमंत्री के आगमन से पहले एक्शन मोड में डीएम: रक्सौल में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने खुद पहुंचे सौरभ जोरवाल


​रक्सौल, पूर्वी चम्पारण।(Vor desk)।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कल, 20 दिसंबर को होने वाले जिले के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने स्वयं कमान संभालते हुए रक्सौल अनुमंडल सभागार में घंटों मैराथन बैठक की। जिलाधिकारी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने ब्लॉक और अंचल स्तर पर चल रही योजनाओं की न केवल फाइलें देखीं, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उनके साथ अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा और उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार भी मौजूद रहे, जिससे बैठक की गंभीरता साफ झलक रही थी।
​जिलाधिकारी ने सबसे पहले ग्रामीण विकास विभाग की नब्ज टटोली। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जिन लाभुकों का काम लंबित है, उसे एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पटरी पर लाया जाए। ‘आवास प्लस’ के तहत नए लाभुकों के सत्यापन में पारदर्शिता बरतने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कागजी खानापूर्ति के बजाय धरातल पर काम दिखना चाहिए। इसी तरह मनरेगा और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की समीक्षा के दौरान डीएम का सख्त तेवर देखने को मिला। उन्होंने साफ कहा कि पंचायत रोजगार सेवक और आवास सहायक अगर अपने काम में लापरवाही बरतते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। eKYC, वृक्षारोपण और कचरा प्रबंधन (WPU) जैसे कार्यों में उन्होंने समयबद्ध प्रगति की मांग की है।
​पंचायती राज और राजस्व के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना और पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने अंचलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर पंचायत सरकार भवनों के लिए चिन्हित भूमि से तत्काल अतिक्रमण हटाएं ताकि विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए। इसके साथ ही, आम जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों जैसे दाखिल-खारिज, भूमि विवाद और एलपीसी के लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए अंचलाधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


​बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल स्तरीय अधिकारियों को यह संदेश दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में रक्सौल के एसडीओ मनीष कुमार सहित जिला पंचायत राज पदाधिकारी, निदेशक DRDA सहित अनुमंडल के सभी बीडीओ, सीओ और मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले जिलाधिकारी की इस सक्रियता ने पूरे जिले के प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर ला दिया है।

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