
रामगढ़वा ।(Vor desk)।स्थानीय पुलिस ने थानाक्षेत्र के बेला गांव से एक माह पहले गायब हुई चार बच्चियों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के राजकीय बालगृह से सकुशल बरामद किया है। पुलिस अब मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।
ये चारों बच्चियां बीते 9 नवंबर को बेला गांव से एक साथ गायब हो गई थीं। इनमें सबसे बड़ी बच्ची की उम्र लगभग 15 वर्ष है, जबकि बाकी तीनों 8 से 10 वर्ष की हैं। इस संबंध में, बेला निवासी मंजर देवान ने गांव के ही मुस्तफा देवान और नुरैशा खातून के विरुद्ध अपनी पुत्री को गायब करने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्पश्चात थाना कांड संख्या 435/25 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
इस मामले के उद्भेदन के लिए अवर निरीक्षक रेणु कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस को सूचना मिली कि 2 दिसंबर से ये चारों बच्चियां लखनऊ के बालगृह में हैं। सूचना के आधार पर रेणु कुमारी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने सभी बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सभी चारों बच्चियों को लखनऊ के राजकीय बालगृह से बरामद किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में दो-तीन लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इनके गायब होने के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।
इन बच्चियों के गायब होने के मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन बच्चियों को बेचने के इरादे से तो बहला-फुसलाकर नहीं ले जाया गया था। बच्चियां लखनऊ कैसे पहुँचीं और उन्हें बालगृह तक किसने पहुँचाया? 9 नवंबर से लेकर 2 दिसंबर को बालगृह पहुंचने तक वे किसके संरक्षण में थीं? भले ही बच्चियां बरामद हो गई हों, लेकिन इस पूरे मामले का खुलासा करना और अपहरण के पीछे के वास्तविक कारणों तथा लोगों को पकड़ना अब पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।
