
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)।: बुधवार को रक्सौल के आईसीपी बाईपास रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नेपाल की ओर जा रहे एक गैस से भरे टैंकर में अचानक तेज रिसाव शुरू हो गया। टैंकर इंटरनेशनल चेक पोस्ट (आईसीपी) से लगभग तीन किलोमीटर पहले ही पहुंचा था कि ड्राइवर को गैस की तेज गंध महसूस हुई। खतरे को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत टैंकर रोका और सुरक्षित दूरी बनाकर खुद को बचाया।
🚨 एसडीपीओ की निगरानी में तुरंत एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम ने फौरन मोर्चा संभाला। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनीष आनंद तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने तत्काल प्रभाव से टैंकर के चारों ओर एक हजार मीटर (1 किमी) के क्षेत्र को सील करने का आदेश दिया और आम जनता की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। पूरे क्षेत्र को खाली कराया गया ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
🧑🚒 विशेषज्ञ टीम की मदद से रिसाव पर नियंत्रण
अग्निशमन विभाग की गाड़ियां और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शुरुआती तौर पर रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। हालाँकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए, एसडीपीओ ने तुरंत छपवा आईओसी के इंजीनियरों और गैस रिसाव नियंत्रण विशेषज्ञों को बुलाया। विशेषज्ञों के आने के बाद ही रिसाव को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से बंद करने का काम शुरू किया जा सका।
🛣️ बाईपास रोड बंद, ट्रैफिक डायवर्ट
रिसाव बंद होने तक प्रशासन पूरी तरह से चौकस रहा। अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी ताकि किसी भी चिंगारी या अन्य जोखिम से बड़ा हादसा न हो जाए। एहतियात के तौर पर, आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आईसीपी बाईपास रोड को पूरी तरह बंद कर दिया गया और वाहनों के ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया।
✅ रिसाव सफलतापूर्वक बंद, आवाजाही बहाल
विशेषज्ञों और फायर ब्रिगेड की टीम के संयुक्त प्रयासों से आखिरकार गैस रिसाव को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। रिसाव बंद होने के बाद, क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया गया और आईसीपी बाईपास पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर रही कि इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। रिसाव रुकने के बाद भी प्रशासन एहतियातन क्षेत्र की निगरानी बनाए हुए है।
