
रक्सौल (पूर्वी चंपारण, बिहार)।(Vor desk)। भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर चल रहे एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय चरस तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रक्सौल पुलिस ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग तीन करोड़ रुपए मूल्य की दस किलोग्राम चरस के साथ छह अंतरराज्यीय और सीमा पार तस्करों को गिरफ्तार किया है।
ऑपरेशन में मिली सफलता
गुप्त सूचना के आधार पर, रक्सौल के एसडीपीओ मनीष आनंद के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने कार्रवाई की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि तस्कर नेपाल की तरफ से एक काले रंग की थार गाड़ी (राजस्थान नंबर) में चरस लेकर भारतीय सीमा स्थित कस्टम की ओर आ रहे हैं।
प्रथम गिरफ्तारी (रक्सौल सीमा): जांच के दौरान थार गाड़ी से 7 किलोग्राम चरस बरामद हुई। मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमे टीकम चंद्र गोयल और अशोक अग्रवाल (सवाई माधोपुर, राजस्थान)
मेघराज साह (बीरगंज, परसा जिला, नेपाल)
बंगाली वर्मा (इटावा, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

नेपाली नागरिक मास्टरमाइंड: गिरफ्तार नेपाली नागरिक मेघराज साह को इस तस्करी सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिस पर नेपाल में भी गांजा डिलीवरी के संबंध में FIR दर्ज है।

सिंडिकेट का खुलासा और दूसरी गिरफ्तारी
पूछताछ में गिरफ्तार लोगों ने बताया कि चरस की डिलीवरी देने के लिए दो अन्य लोग सुगौली में बाइक से उनका इंतजार कर रहे हैं। इस बयान के आधार पर तत्काल सुगौली में छापेमारी की गई और तीन किलोग्राम चरस के साथ दो और स्थानीय तस्करों को पकड़ा गया,जिसमेसर्वजीत साह (तुरकौलिया, पूर्वी चंपारण, बिहार)अमावत कमलदेव राम (रतनपुर, रक्सौल) शामिल हैं।
खुली सीमा बनी तस्करी का मार्ग
पुलिस ने आशंका जताई है कि तस्कर भारत और नेपाल के बीच की खुली सीमा का लाभ उठाकर वर्षों से इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं। यह बड़ी खेप राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कारोबारियों को पहुंचाई जानी थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि यह चरस कहाँ से लाई गई थी, भारत में किसे इसकी डिलीवरी दी जानी थी, और इस अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट में रक्सौल और बीरगंज के कौन-कौन से अन्य स्थानीय लोग शामिल हैं।
सीमा पर लक्जरी वाहनों की सघन जांच की आवश्यकता
इस भंडाफोड़ के बाद भारत-नेपाल सीमा के रास्ते आने-जाने वाले लक्जरी और चारपहिया वाहनों की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही है। अधिकारियों ने जोर दिया है कि तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए बॉर्डर पर प्रतिदिन सभी चारपहिया वाहनों की सघन और अनिवार्य जांच आवश्यक है।
