
रक्सौल। (Vor desk)। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने ‘बेटी-रोटी’ के पारंपरिक रिश्ते को कमजोर करने की चीन की कुटिल षड्यंत्रकारी पहल का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार-नेपाल सीमा पर रक्सौल अनुमंडल से सटे नेपाल के बारा जिले में पुलिस ने एक नेपाली मुस्लिम नाबालिग लड़की से बाल विवाह करने की कोशिश के आरोप में चीन के गांसू प्रांत निवासी 22 वर्षीय निउ यूबीन को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं।
बारा जिले के करैयामाई गाँव पालिका वार्ड 1 में, 44 वर्षीय जाकिर हुसैन देवान की नाबालिग बेटी से चीनी नागरिक निउ यूबीन विवाह करने जा रहा था। पुलिस अधिकारी प्रकाश खड़का के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिलते ही, तत्काल विवाह स्थल पर पहुँचकर वैवाहिक कार्यक्रम को रोक दिया गया। बारा जिला पुलिस कार्यालय के मीडिया प्रभारी सह डीएसपी विजयराज पंडित ने पुष्टि की कि चीनी नागरिक और लड़की के पिता जाकिर हुसैन को हिरासत में लिया गया है, जबकि युवती को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। डीएसपी पंडित ने बताया कि चीनी नागरिक के पास पासपोर्ट और वीजा उपलब्ध है, लेकिन नेपाली कानून के तहत यह स्पष्ट रूप से बाल विवाह का मामला है। वार्ड अध्यक्ष सोनेलाल साह ने भी कानून का हवाला देते हुए बताया कि नेपाली कानून में विवाह के लिए न्यूनतम आयु लड़के के लिए 22 साल और लड़की के लिए 20 साल है, जबकि लड़की की आयु मात्र 18 साल पाई गई।
यह घटना नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों और भारत के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी करती है, क्योंकि वार्ड अध्यक्ष के अनुसार, पिछले एक साल में अकेले इस बस्ती में चीनी नागरिकों द्वारा तीन वैवाहिक कार्य किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सीमा पर चीनी संस्थान आर्थिक सहयोग का लालच देकर गरीब और भोले-भाले लोगों को अपने चंगुल में फंसाने का काम तेजी से कर रहे हैं। इस तरह, चीन सीमावर्ती मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर, सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से, अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने की एक रणनीतिक और चिंताजनक पहल कर रहा है, जिसे भारत-नेपाल संबंधों में सीधी सेंधमारी के रूप में देखा जा रहा है।
