
रक्सौल।(Vor desk)। अंबेडकर चौक स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर संविधान दिवस के अवसर पर अंबेडकर ज्ञान मंच की ओर से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने की।
कार्यक्रम में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके अद्वितीय योगदानों की सराहना की गई। उन्हें गरीब, शोषित, पीड़ित, महिलाओं और मजदूरों के महान मुक्तिदाता एवं भारतीय लोकतंत्र के महाशिल्पकार के रूप में याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उन्हें गरीबों का सच्चा हितैषी बताते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके साथ ही संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान विभूतियों—देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद,प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू,संविधान सभा सदस्य शिवदयाल चौरसिया,राजपाल मुंडा तथा संविधान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा
को भी नमन किया गया और उनके योगदानों को याद किया गया।
मंच के संस्थापक मुनेश राम ने कहा कि भारतीय संविधान लोकतांत्रिक राष्ट्र की आत्मा है, जो हर नागरिक को गरिमा, समानता और मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है। उन्होंने समाज को नशामुक्त और शिक्षित बनाने का संकल्प लेने पर जोर दिया और कहा कि वंचित वर्ग का कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रहे, यही संविधान की सच्ची भावना है।
इस दौरान उपस्थित सदस्यों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया और समाज सुधार, शिक्षा प्रसार व नशामुक्ति के लिए सामूहिक शपथ ली गई।
कार्यक्रम में निर्णय लिया गया कि आगामी 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर इस स्थल पर नई प्रतिमा के अनावरण के लिए शिलान्यास किया जाएगा। वहीं 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती को विश्व ज्ञान दिवस के रूप में मनाते हुए लगभग 8.5 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक योगदान से दो दिवसीय अंबेडकर मेला आयोजित करने का भी संकल्प लिया गया, जिसमें देश-विदेश के बुद्धिजीवियों व जनप्रतिनिधियों का समागम होगा।
कार्यक्रम में मुनेश राम, जगन राम, डॉ. मुराद आलम, भाग्य नारायण शाह, श्रेयांश कुमार उर्फ बिट्टू गुप्ता, पत्रकार राजेश केसरीवाल, रविंद्र जडेजा, समाजसेवी नुरुल्लाह खान, सज्जन पासवान,दिनेश राम,सोहन राम, राम पुकार राम,सहित अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
