
रक्सौल।(Vor desk)। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा कारणों से भारत-नेपाल सीमा को 72 घंटे के लिए पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यह व्यवस्था 8 नवंबर की सुबह से ही लागू हो गई है और 11 नवंबर की शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। मतदान समाप्ति के बाद ही सीमा को सामान्य आवागमन के लिए खोला जाएगा।
सूचना के मुताबिक,सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण में पीएम मोदी के जन सभा के मद्देनजर शुक्रवार की सुबह से ही एसएसबी बोर्डर पर एलर्ट हो गई और जवानों ने माइकिंग कर बॉर्डर सील करने में सहयोग के लिए अपील शुरू कर दी।पहले एसएसबी के डीआईजी सुरेश सुब्रह्मण्यम ने घोषणा की थी कि बोर्डर 9नवंबर को सुबह सिल किया जाएगा।एसएसबी की अचानक से हुई इस करवाई से नेपाल-भारत सीमा पर आवाजाही के लिए आए यात्रियों को निराश होना पड़ा और मुश्किलों में पड़ गए।छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। मुख्य रूप से दवा/इलाज,पढ़ाई,दैनिक समान खरीद,पारिवारिक आयोजनो और धार्मिक यात्राओं को ले कर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए स्थिति विपरीत हो गई है।हालाकि, रक्सौल वीरगंज मुख्य सीमा के मैत्री पुल पर परिचय पत्र देख कर नेपाली नागरिकों को नेपाल जाने दिया गया।वहीं,वोट और जरूरी काम के लिए आ रहे भारतीय नागरिकों को इंट्री दी गई।वीरगंज बॉर्डर पर कस्टम के नजदीक बैरियर बंद कर दिया गया है और नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स मुस्तैद हैं।परसा जिला के सहायक जिलाधिकारी सुमन कुमार कार्की ने बताया कि हम हर कदम पर भारतीय प्रशासन को सपोर्ट कर रहे हैं।बॉर्डर बंद करने के साथ ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बॉर्डर सील करने को ले कर पूर्वी चंपारण के डीएम सौरभ जोरवाल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस दौरान सीमा क्षेत्र में किसी भी अवैध या संदिग्ध आवागमन पर पूर्ण रोक रहेगी। भारत-नेपाल मैत्री पुल सहित सभी प्रमुख प्रवेश द्वार जैसे सहदेवा, महदेवा, मुशहरवा, पनटोका और सीवान टोला चौकियों को सील कर दिया गया है।
एसएसबी 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडेय ने बताया कि सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। किसी भी असामाजिक तत्व को चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने से रोकने के लिए एसएसबी, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं।
हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस को ही आवाजाही की अनुमति दी गई है। वहीं, नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को अपना पहचान पत्र दिखाने पर भारत में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
