
रक्सौल।(Vor desk)।लोक आस्था का महापर्व छठ रक्सौल में अपने चरम पर है, जहाँ अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अब सभी व्रती और श्रद्धालुगण कल सुबह उगते सूर्य के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

रक्सौल में मुख्य रूप से आश्रम रोड घाट, कस्टम चेक पोस्ट घाट, भकुआ ब्रह्मबाबा घाट, कौड़ीहार घाट, त्रिलोकी नाथ मंदिर घाट, बाबा मठिया घाट और सूर्य मंदिर घाट समेत छोटे-बड़े कुल बीस छठ पूजा घाट हैं। बाबा मठिया पर बना सूर्य देव की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है,वहीं,सूर्य मंदिर घाट पर चुनाव जागरूकता को ले कर सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेने की होड़ रही।

इन सभी घाटों को इस महापर्व के लिए बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया और संवारा गया है।




हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ हर घाट पर मौजूद रही। हालांकि, इस वर्ष सरिसवा नदी के जल के अत्यधिक प्रदूषित होने के कारण कई छठ व्रतियों ने नदी घाटों पर जाने से परहेज किया। इन व्रतियों ने अपनी आस्था का निर्वहन करते हुए, अपने-अपने घरों की छतों पर ही कृत्रिम जलकुंड बनाकर छठ पूजा संपन्न की। इसके अलावा, कुछ व्रतियों ने सूर्य मंदिर और तुमड़िया टोला स्थित शिव हनुमान मंदिर घाट जैसे वैकल्पिक स्थानों पर भी व्रत किया और अर्घ्य दिया।

अब पूरे रक्सौल में मंगलवार की सुबह भगवान भुवन भास्कर के उदय होने और उन्हें अंतिम अर्घ्य प्रदान करने का इंतजार हो रहा है, जिसके साथ ही चार दिवसीय इस लोक महापर्व का विधिवत समापन हो जाएगा।(रिपोर्ट:राजेश केशरीवाल)
