
वीरगंज।(नेपाल)।(Vor desk)। नेपाल की वाणिज्यिक राजधानी वीरगंज में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारी अपने चरम पर है, जहां का घरीहरवा पोखरी और उसमें बना सूर्य मंदिर भारत-नेपाल के सदियों पुराने साझा संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक बन गया है। छठ पूजा नजदीक आते ही यह पूरा परिसर ‘हे छठी मईया’ और ‘उग हो सूरज देव’ जैसे पारंपरिक भोजपुरी-मैथिली गीतों से गुंजायमान हो रहा है।
मधेश प्रदेश में सबसे प्रसिद्ध और भव्य माने जाने वाले इस छठ आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जोर-शोर से सजावट का काम चल रहा है। पारंपरिक तौर पर कोलकाता से मंगाए गए रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और बिजली-बत्ती से पूरे पोखरी को सजाया जा रहा है। श्री सोप्ता बनाने से लेकर रंग-रोगन तक की कवायद अंतिम चरण में है, जिस पर लगभग 22लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।



यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत-नेपाल के मधुर संबंधों का जीवंत उदाहरण है। बिहार के रक्सौल से सटी सीमा होने के कारण, बिहार और उत्तर प्रदेश से लाखों भारतीय श्रद्धालु यहाँ अर्घ्य देने पहुंचते हैं। भारत में ब्याही गई बेटियां और उनके परिजन भी इस पवित्र पोखरी पर पूजा करने की परंपरा निभाते हैं, जिससे बेटी-दामाद और बहु-बेटा के रिश्तों की डोर मजबूत होती है।
सात घोड़ों पर सवार भगवान सूर्य की आकर्षक प्रतिमा वाला यह मंदिर, जिसकी पूजा के लिए लगभग 5,000 दउरा सजाए जाते हैं, मधेश प्रदेश का सबसे बड़ा छठ घाट है। नेपाली और पैगोडा कला संस्कृति से निर्मित यह सूर्य मंदिर, जिसमें ब्लैक स्टोन से बनी विशाल सूर्य देव की प्रतिमा है, दक्षिण एशिया में काफी प्रसिद्ध है। पोखरी के बीच मंदिर तक पहुंचने के लिए नक्काशीदार लंबा पुल बना हुआ है। छठ पूजा की रात यहाँ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाइव प्रसारण भी होगा।
इस भव्य आयोजन के लिए महानगर पालिका प्रशासन और पूजा कमेटी पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। वीरगंज के मेयर राजेश मान सिंह सहित प्रमुख जिलाधिकारी तोय नारायण सुवेदी, एसपी सुदीप पाठक और नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स के एसपी पूर्ण चंद्र भट्ट की देखरेख में भव्य पूजा व्यवस्थापन और सुरक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। घरीहरवा के अलावा आदर्शनगर स्विमिंग पूल, रानी घाट और मुरली जैसे अन्य छठ घाटों पर भी भव्य पूजन की तैयारी है।
