
रक्सौल।(Vor desk)।लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन रक्सौल में खरना पूजा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। छठ व्रतियों ने इस दिन विशेष पवित्रता के साथ तैयारी की और गुड़ तथा चावल की खीर एवं रोटी का प्रसाद बनाया।

शाम के समय, व्रतियों ने अपने कुल देवी-देवताओं और छठी मैया को यह प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद, व्रती स्वयं यह प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के कठोर निर्जला व्रत की शुरुआत करती हैं, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। खरना को शुद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, और इसके बाद ही महापर्व अपने अगले चरण में प्रवेश करता है।
रक्सौल के छठ घाटों पर भी महापर्व को लेकर रौनक बनी हुई है। नगर परिषद द्वारा सभी घाटों पर साफ-सफाई और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है, ताकि व्रतियों को अर्घ्य देने में कोई असुविधा न हो। अब छठ व्रती अगले दिन अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गए हैं।
