
रक्सौल। (vor desk)।दीपावली के अगले दिन असावधानी के कारण रक्सौल प्रखंड में मंगलवार देर शाम दो अलग-अलग स्थानों पर भीषण आग लगने की घटनाएँ सामने आईं, जिसमें लाखों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। पनटोका पंचायत के धुपवाटोला में एक घर और उसमें संचालित किराना दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई, वहीं रक्सौल के नागा रोड स्थित चूड़ी, लहठी और बेल्ट के गोदाम में भी बड़ा नुकसान हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि दोनों ही जगहों पर आग पटाखों या जलते दीये से लगी हो सकती है।
धुपवाटोला में गैस सिलेंडर फटने से फैली आग
पहला मामला पनटोका पंचायत के धुपवाटोला का है, जहां निवासी शिवशंकर प्रसाद उर्फ बाबू साहब के घर में आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि घर के अंदर रखा गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे आग तेजी से फैल गई। इस घटना में शिवशंकर प्रसाद का घर और उसमें संचालित किराना दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई।
गनीमत रही कि घटना के समय घर में मौजूद लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, लाखों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है और पीड़ित परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
नागा रोड स्थित गोदाम में आग
इसी बीच, रक्सौल के नागा रोड पर भी आग लगने की दूसरी घटना सामने आई, जहां चूड़ी, लहठी और बेल्ट के गोदाम में भीषण आग लग गई। पटाखों या दीये से लगी इस आग ने गोदाम को भारी नुकसान पहुँचाया।
फायर ब्रिगेड की टीम इन दोनों ही घटनाओं के बाद सक्रिय हो गई। फायर बिग्रेड ऑफिसर रवि शंकर ने बताया कि टीम की मुस्तैदी से आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, पनटोका में फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों की नाराज़गी भी झेलनी पड़ी। इसमें एक फायरबिग्रेड कर्मी जवान चोटिल भी हुए।
लापरवाही बनी नुकसान की वजह
दीपावली के दौरान अक्सर लोग लापरवाही बरतते हैं, जिसका नतीजा ऐसी आग लगने की घटनाओं के रूप में सामने आता है। पटाखों को सुरक्षित दूरी पर न जलाना या दीयों को असुरक्षित स्थानों पर रखना बड़े नुकसान का कारण बन जाता है। इन दोहरी घटनाओं ने एक बार फिर दीपावली जैसे त्योहारों पर सुरक्षा और सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
स्थानीय प्रशासन को दोनों घटनाओं की जानकारी दे दी गई है। सामाजिक संगठनों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए पहल करने की मांग की है।
