Sunday, March 8

रक्सौल बॉर्डर पर फर्जी पासपोर्ट के साथ रिपब्लिक ऑफ डे कोट डी आइवरी का नागरिक गिरफ्तार,बोर्डर पर अवैध घुसपैठ का लगातार हो रहा प्रयास

रक्सौल।(Vor desk)। इन दिनों विदेशी नागरिकों की फर्जी तरीके से भारत में अवैध घुसपैठ की कोशिश बढ़ गई गई।इस बीच भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के रक्सौल वीरगंज मैत्री पुल के पास रक्सौल में तैनात आव्रजन अधिकारियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए फर्जी पहचान और दस्तावेज के साथ नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान कौआडियो कौआसी जेरोम (44 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वास्तव में कोट डी आइवरी (आइवरी कोस्ट) का नागरिक है,जिसका पासपोर्ट नंबर 21ए एफ 521540(वैधता 22 फरवरी 2022से 21फरवरी 2827) और वीजा संख्या वीके 97081720(बी 2) (वैधता 4मार्च2022 से 3सितंबर 2022 )है ,जिसके जरिए पहली बार 10अप्रैल2022 को दिल्ली आया था।वीजा 2022में ही एक्सपायर हो चुका था ।
इस बार जेरोम बुर्किना फासो नामक व्यक्ति के फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। हरैया थानाध्यक्ष किसन कुमार पासवान ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात करीब 9 बजे जेरोम को रक्सौल स्थित आव्रजन कार्यालय में तब पकड़ा गया जब वह आव्रजन मंजूरी के लिए अधिकारियों से संपर्क कर रहा था। दस्तावेजों की गहन जांच के दौरान उसके पासपोर्ट की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर, उसने स्वीकार किया कि वह आइवरी कोस्ट का नागरिक है और फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में घुसने की फिराक में था।
थाना प्रभारी किशन कुमार पासवान ने यह भी बताया कि आरोपी जेरोम पहले भी वर्ष 2022 में भारत आ चुका है और यह भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने का उसका दूसरा प्रयास था। उसने पूछताछ में यह भी कबूल किया कि उसने भारत में आसानी से प्रवेश पाने के उद्देश्य से बुर्किना फासो का फर्जी पासपोर्ट किसी अन्य देश से हासिल किया था।
रक्सौल में तैनात आव्रजन अधिकारी की ओर से हरैया थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया गया है।थानाध्यक्ष श्री पासवान के अनुसार, धोखाधड़ी से हासिल किए गए दस्तावेजों के आधार पर विदेशी नागरिक द्वारा भारतीय क्षेत्र में प्रवेश की यह चौथी घटना है। आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अब सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे प्रकरण के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी गहनता से जांच कर रही हैं।बता दे कि सितम्बर माह में ही 2नाइजीरियाई नागरिक फर्जी दस्तावेज के साथ भारत में अवैध प्रवेश करते धरे जा चुके हैं।आशंका है कि अवैध घुसपैठ करने वाले विदेशी नागरिकों की संलिप्तता साइबर फ्रॉड अथवा मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ा हो सकता है,जिसकी जांच की जा रही है।

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