
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल सहित सीमा क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन पूजा अर्चना का माहौल रहा।घर घर देवी पूजा की शुरुआत हुई।इस बीच रक्सौल के प्रसिद्ध काली मंदिर में शारदीय नवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष 501 कलश की स्थापना की गई है, जो तांत्रिक विधि से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए की जाती है। मंदिर में नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में हर दिन सुबह और शाम भस्म आरती होती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
मंदिर के पीठाधीश्वर सेवक संजय नाथ ने बताया कि महा सप्तमी के दिन मां दस मुखी काली का महा स्नान और महा आरती की जाएगी, साथ ही काल भैरव की विशेष पूजा भी संपन्न होगी। इस अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्था की तैयारी की है। मंदिर में नवरात्र के दौरान अनेक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। इस वर्ष भारत और नेपाल के अलावा अमेरिका, यूके, और खाड़ी देशों से भी भक्त काली मंदिर में कलश स्थापना करते हैं।
