Sunday, March 8

शिलान्यास के 21साल बाद 156 करोड़ 87 लाख की लागत से रक्सौल में फाटक नंबर 33-34 पर रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का टेंडर जारी:एमपी डा. संजय जायसवाल ने रेल मंत्री के प्रति जताया आभार!

-फाटक नंबर 33-34 पर रेलवे ओवर ब्रिज बनाने के लिए बिहार में पहली बार रेल मंत्रालय द्वारा आरओबी की शत प्रतिशत राशि हुई निर्गत

जीएम ने तीन माह पहले विधायक प्रमोद सिन्हा को दिया था स्वीकृति का आश्वासन, डीपीआर स्वीकृति के लिए भेजी गई थी दिल्ली
रक्सौल।(Vor desk)।चुनाव के पूर्व एनडीए सरकार ने रक्सौल को खुशी भरी खबर दी है।भारत-नेपाल सीमा से लगे रक्सौल में जाम से निजात दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेल मंत्रालय ने रक्सौल में दो रेल ओवरब्रिज की स्वीकृति दे दी है।रेलवे फाटक संख्या 33 और 34 पर जल्द ही रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण शुरू हो सकता है।इसके लिए टेंडर भी निकल गया है।इसके लिए संसद और विधान सभा में लगातार आवाज उठाने के बाद शिलान्यास के 21साल के बाद यह सपना पूरा होने के ओर अग्रसर है।

सांसद डा संजय जायसवाल ने दी जानकारी

क्षेत्रीय भाजपा सांसद सह भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा संजय जायसवाल ने नवरात्र के प्रथम दिन सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए सोमवार को बताया कि
रक्सौल विधानसभा का मेरा सबसे महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न हो गया। पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 52 रेलवे ओवरब्रिज का मांग की गई थी उसमें पांच आरओबी की राशि निर्गत हुई है ।मुझे खुशी है कि मेरे रक्सौल स्टेशन के दोनों तरफ के रेलवे क्रॉसिंग का ओवर ब्रिज पास हो गया और इसका टेंडर भी निकल गया ।
माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी को इसके लिए आभार जताते हुए कहा कि यह दोनों बिहार के पहले रेलवे ओवर ब्रिज हैं जिनकी 100% राशि केंद्र सरकार ने दिया है।
दोनों आरओबी की पूरी योजना 156 करोड़ 87 लाख रुपए की है। इनको बनने के लिए थोड़ा जमीन भी अधिग्रहण करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा है कि 2025 मेरे लिए काफी शुभ है। रक्सौल के नागरिकों से जितने वादे किये थे वे सब पूरे हो गये ।उन्होंने बिना किसी का नाम लिए व्यंग्य भी किया कि ईश्वर का शुक्र है कि रक्सौल शहर में मेरे परिवार की कोई जमीन नहीं है वरना अभी तक न जाने कितनी कहानियां मेरे मित्र लोग बना चुके होते ।

विधायक प्रमोद सिन्हा ने जताया हर्ष,कहा सांसद के प्रयास से हुआ संभव

रक्सौल के भाजपा विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने सांसद डॉ संजय जायसवाल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि रक्सौल विधानसभा के लिए यह अहम उपलब्धि है।
रेलवे ओवरब्रिज जैसी ऐतिहासिक परियोजना के लिए 156 करोड़ राशि से स्वीकृति दिलवाना रक्सौल वासियों के लिए एक बड़ा तोहफ़ा है, यह कदम न केवल शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करेगा बल्कि विकास के नए द्वार भी खोलेगा। आपके मार्गदर्शन और सहयोग से रक्सौल विधानसभा निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही है।

रेल महाप्रबंधक ने दिए थे संकेत,डीपीआर की स्वीकृति का था इंतजार

जून 2025 में पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रछाल सिंह और समस्तीपुर मंडल के डीआरएम विनय कुमार श्रीवास्तव रक्सौल दौरे पर थे। इस दौरान स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने मुलाकात कर आरओबी निर्माण का मुद्दा उठाया। जीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली भेजी जा चुकी है।

2004 में हुआ था शिलान्यास, अब तक अटका है निर्माण

इस आरओबी की मांग करीब दो दशकों से की जा रही है। 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने इसका शिलान्यास किया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। आरओबी नहीं होने से फाटक पर अक्सर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है।दोनो रेलवे क्रॉसिंग ज्यादातर बंद रहता है। इससे देशी विदेशी पर्यटकों,स्थानीय लोगों , स्कूली बच्चों को सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन करने वालों को भारी परेशानी होती है। स्वीकृति के बाद काठमांडू दिल्ली सड़क खंड अंतर्गत रक्सौल वीरगंज सड़क पर एक ओवरब्रिज बनेगा।रक्सौल सीतामढ़ी रेलखंड के बीच रेलवे फाटक संख्या 33और रक्सौल नरकटियागंज व सुगौली के बीच फाटक संख्या 34 पर रेल ओवरब्रिज बनेगा।बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग और रेलवे बोर्ड से निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया होने की सूचना है।

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