
रक्सौल।(Vor desk)।भारतीय जनता पार्टी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां के प्रति अपशब्द भाषा का प्रयोग करने के विरोध में गुरुवार को आहुत राज्य व्यापी बिहार बंद का रक्सौल में मिला जुला असर देखने को मिला।क्षेत्रीय भाजपा विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी की महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं के द्वारा पोस्ट ऑफिस चौक पर रोष पूर्ण प्रदर्शन किया गया।इसके अलावे कार्यकर्ताओं के साथ बाजार में घुमघुम कर दुकानें बंद करायी गयीं।

दूसरी तरफ भाजपा प्रदेश मुख्यालय के सह प्रभारी ई. जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक टीम के द्वारा मेन रोड में बंद के समर्थन में जुलूस निकाला गया और लोगों से इस निंदनीय घटना के विरोध में अपनी-अपनी दुकानों को बंद रखने की अपील की गयी।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को माफी मांगना होगा।हालाकि ,यह बंद कराने और इसके लिए अपील का क्रम सुबह सात बजे से ही शुरू हो गया था।बाद में करीब दस बजे के आस पास बैंक रोड,पोस्ट ऑफिस रोड,सब्जी बाजार, मेन रोड,आश्रम रोड,कोईरियाटोला,चावल बाजार में धीरे धीरे व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुलने लगी।
वैसे,पूरे रक्सौल विधानसभा में बंद का मिला जुला असर रहा।सुबह के समय दुकानें बंद रही तो 10बजे के आसपास माहौल सामान्य हो गया। बंदी के कारण सार्वजनिक यातायात के परिचालन पर पहले कुछ असर देखने को मिला।इसके बाद सुबह के 11 बजे तक सब कुछ सामान्य होता दिखा।नेपाल से लोग आवाजाही करने लगे।एनएच पर भी आवाजाही सुचारू हो गई।ट्रेन सेवा सुचारू रही।
महागठबंधन ने बंदी को फ्लॉप शो बताया
एक ओर व्यवसायियों के बीच बंदी पर अलग अलग राय दिखी।कहा गया कि गाली कोई दिया,सुना कोई,इसमें व्यापारी क्यों पिसे जा रहे हैं?क्या वोट और चंदा देने के बाद व्यापारी ही सबसे कमजोर हैं?इस बीच राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष जायसवाल सहित प्रमोद राय,सुनील कुशवाहा, सौरंजन यादव आदि ने एक स्वर से बंदी को विफल बताया और कहा कि बिहार की जनता अब झांसे में नहीं आने वाली।बिहार विधान सभा के चुनाव में इनका सफाया हो जाएगा। कांग्रेस नेता नुरुल्लाह खान ,दीपक गुप्ता ,डा गौतम कुमार,अखिलेश दयाल ,आदि ने बंदी को फ्लॉप शो बताते हुए हुए कहा कि भाजपा के नकली ड्रामे और घड़याली आंसू को बिहार की जनता ने नकार दिया।बाजार की दुकान 11बजे तक खुल गई और दो गुटे में बंटे भाजपा के नेता कार्यकर्ता सड़क से फोटो सेशन के बाद गायब दिखे।उन्होंने सवाल किया कि यह बंदी गुजरात में क्यों नहीं हुई?उन्होंने कहा कि भाजपा सत्तारूढ़ दल है।ऐसे में सड़क पर उतरने का क्या मतलब है?यदि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने गाली दी हो तो प्रमाणित करें और दम है तो गिरफ्तार करें।उन्होंने आरोप किया कि सत्ता का दुरुपयोग आज पूरे बिहार ने देख लिया है। आखिर बंदी पूरे हिंदुस्तान में क्यों नहीं है?

वहीं,बंदी का विरोध करते हुए राजद के जिला प्रवक्ता रवि मस्करा ने अपनी व्यवसायिक प्रतिष्ठान खोल कर भाजपा के बन्दी का विरोध किया,जो चर्चे में रहा।कहा कि बीजेपी की ये बंदी मां के सम्मान हेतु नहीं है बल्कि चुनावी फ़ायदा उठाने हेतु किया गया है। सबकी मां का सम्मान होना चाहिए और जब प्रधानमंत्री द्वारा दूसरे की मां को जर्सी गाय, कांग्रेस की विधवा,50 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहा जाता है तो बीजेपी के लोगों को बहुत मजा आता था ये उसी की प्रतिक्रिया है।
रक्सौल के बीजेपी के नेता विकाश के नाम पर, टूटे पुल के नाम पर, जाम के नाम पर, पानी की कमी के नाम पर , ओवर ब्रिज के नाम पर बंदी करवाते तो सभी साथ देते परन्तु बीजेपी के लोगों को विकाश से कोई मतलब नहीं है। चुनाव आने वाला है बीजेपी के विधायक महोदय की गद्दी खिसक रही है इसीलिए जनता का ध्यान बांटने हेतु यह बंद का संचालन उन्होंने किया। बंद सुबह 7 बजे से बुलाया गया और 8 बजे तक बीजेपी के लोग रैली लेकर चले गए, कल विधायक जी ने बाज़ार बंद की अपील भी किया लेकिन 8 बजे से दुकान खुलना शुरू हो गया और रोज की तरह 9 बजे तक जीवन सामान्य हो गया।
राजद प्रवक्ता रवि मस्करा ने बताया कि जनता जान गई है ये लोग वोट चोर हैं अब इनकी गद्दी जाने वाली है।
