
अनुमंडल अस्पताल और डंकन अस्पताल का किया निरीक्षण,मरीजों से मिलने के बाद बॉर्डर क्षेत्र का भी किया मुआयना
रक्सौल।(Vor desk)।पड़ोसी देश नेपाल के वीरगंज में कम्युनिटी लेवल पर डायरिया- कालरा के प्रकोप और रक्सौल के साथ ही आस पास के क्षेत्रों में इसके मरीजो के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नेशनल और स्टेट टीम ने संयुक्त रूप से पहुंच कर मामले का जायजा लिया है।
पड़ोसी देश नेपाल से लगी भारत की खुली सीमा को देखते हुए रक्सौल सहित अन्य भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में डायरिया कालरा के फैलाव के रोक थाम को ले कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर पहुंची टीम ने रक्सौल के अनुमंडल अस्पताल के डायरिया वार्ड का निरीक्षण किया। टीम में शामिल एनसीडीसी (दिल्ली ) के ज्वाइंट डायरेक्टर डा गिरीश कुमार मखीजा ,एनसीडीसी (दिल्ली ) के कंसल्टेंट ईपीडीमाइओलॉजिस्ट डा नीरज कुमार,एनसीडीसी (दिल्ली ) के ईआइसी ऑफिसर डा प्रदीप कुमार जाना,स्टेट माइक्रोबायोलॉजिस्ट आईडीएसपी( पीएमसीएच पटना) डा नवनीत कुमार दत्त ,माइक्रोबायोलॉजिस्ट (पीएमसीएच) डा नवीन कुमार रमण,पूर्वी चंपारण के जिला ईपीडीमाइओलॉजिस्ट डा राहुल राज ने यहां दौरे में डायरिया, कालरा एवं क़ै दस्त के लक्षणयुक्त मरीजों के आंकड़े जुटाए।अस्पताल के ओपीडी, लैब रुम,दवाखाना के साथ ही स्टोर रुम का निरीक्षण किया।स्टोर रुम में ओआरएस,मेट्राजिल,जिंक, आरएल, डीएनएस आदि उपलब्धता का आंकलन किया।चुनौतियों से निपटने के मद्देनजर अस्पताल में सुविधा संसाधन की स्थिति देखी।इस दौरान अस्पताल के फर्श और टॉयलेट की साफ सफाई को ले कर मानकों के पालन के लिए निर्देशित किया। अस्पताल उपाधीक्षक डा राजीव रंजन कुमार के कार्यालय कक्ष में एक बैठक कर मरीजों के आंकड़े, हालात की जानकारी जुटाने के साथ स्थिति की समीक्षा के बाद प्रभावी नियंत्रण को ले कर गंभीर चर्चा की।इस दौरान मुख्य रूप से रक्सौल के बीएचएम आशीष कुमार,मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायक जय प्रकाश कुमार,यूनिसेफ के बीएमसी अनिल कुमार,डब्लू एच ओ के एफएम नूरु सलाम,बीसीएम सुमित सिन्हा ,एकाउंटेंट शिल्पी कुमारी,रामगढ़वा पीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डा प्रहस्त कुमार,बीएचएम अवनीश कर,आदापुर के पीएचसी प्रभारी संतोष कुमार सिंह,बीएचएम संजय शर्मा,सुगौली के बीएचएम आदित्य कुमार आदि मौजूद रहे।करीब दो घंटे के निरीक्षण और बैठक के बाद टीम शहर के डंकन अस्पताल में पहुंची,जहां अब तक 9से ज्यादा डायरिया से मिलते जुलते लक्षण वाले मरीज भर्ती हुए । वहां भर्ती मरीजों की स्थिति देखी और परिजनो से बात चित कर जरूरी जानकारी जुटाई।इसके साथ ही हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डा.ज्ञान राय सहित चिकित्सकों से मरीजों के केश एंड ट्रैवल हिस्ट्री सहित अन्य फीड बैंक लिया और जरूरी निर्देश दिए।हॉस्पिटल के लैब के निरीक्षण के बाद डायरिया कालरा जांच शुरू करने के बारे में भी चर्चा की,ताकि, संक्रमण त्वरित जांच हो और फैलाव को समय रहते रोकने में मदद मिले। एक ही परिवार के तीन मरीजों के डायरिया से आक्रांत होने और डंकन हॉस्पिटल में इलाज के बाद स्वास्थ्य हो घर लौटने के मामले में टीम ने प्रखंड के पंटोका गांव पहुंच कर परिजनो व ग्रामीणों से बात चित कर बीमार होने के कारणों को जानने का प्रयास किया और जागरूक भी किया।इस दौरान रक्सौल (पूर्वी चंपारण) और नेपाल के वीरगंज( परसा) जिला को जोड़ने वाली ग्रामीण सीमा पंटोका- पथ के बोर्डर पिलर संख्या393 पर पहुंच कर वहां की भौगोलिक स्थिति व सीमा पार से प्रवेश करने वाली सरिसवा नदी के प्रदूषण के हालातों का जायजा लिया,जहां बीओपी पर तैनात एसएसबी इंचार्ज इंद्रदेव कुमार ने बताया कि नदी के कारण वहां रहना और ड्यूटी करना मुश्किल होता है।बीमारी का खतरा है। रक्सौल में जायजा लेने के बाद टीम अलग अलग आदापुर के भवानीपुर,रामगढ़वा और सुगौली पहुंच कर डायरिया पीड़ितों के मामले की जानकारी जुटाई और पीड़ित परिवारों ,ग्रामीणों से मुलाकात की।इसके बाद टीम नेपाल सीमा से लगे पश्चिम चंपारण रवाना हो गई,जहां सिकटा सहित अन्य सीमाइ प्रखंड का जायजा लेने के बाद लौट जाएगी।
पड़ोसी देश नेपाल के वीरगंज में डायरिया आउट ब्रेक को ले कर स्वास्थ्य विभाग गंभीर,सेंपल की लेबोरेट्री जांच के बाद ही रक्सौल का केश होगा कन्फर्म
रक्सौल।पूर्वी चंपारण के जिला ईपीडीमाइओलॉजिस्ट डा राहुल राज ने बताया कि पड़ोसी देश नेपाल के वीरगंज में डायरिया आउट ब्रेक के मद्देनजर नेशनल और स्टेट टीम ने यहां पहुंच कर डायरिया मामले की जांच की है।डंकन हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की स्थिति देखी और जरूरी जानकारी जुटाई है।इसकी रिपोर्ट जल्द ही विभाग को सौंपी जाएगी।मरीजों का स्टूल टेस्ट पीएचसीएच(पटना) और एसकेएमसीएच (मुजफ्फरपुर)में कराया जायेगा।लैबोरेट्री जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों में डायरिया /कालरा कन्फर्म हो सकेगी।उन्होंने कहा कि वीरगंज में डायरिया आउट ब्रेक के मद्देनजर सतर्कता बरती जा रही है। खुली सीमा और आपसी संबंधों के कारण चुनौतियां भी हैं।टीम के आने का उद्वेश्य है कि खुली सीमा के रास्ते डायरिया-कालरा रक्सौल सहित भारतीय सीमा क्षेत्र में न फैले।(रिपोर्ट: पीके गुप्ता)
