
रक्सौल।(Vor desk)। इंडियन इमिग्रेशन ने लिव इंडिया नोटिस के तहत देश से निकाले गए एक विदेशी नागरिक को रक्सौल बोर्डर से पकड़ा गया है।यह एक नाइजेरियन नागरिक है,जो बुधवार को दूसरे देश के फर्जी पासपोर्ट,वीजा के साथ पकड़ा गया है।सूत्रों के मुताबिक, करीब12वर्ष तक चोरी छुपे रहने के बाद देश निकाला का शिकार हुआ नाइजीरियन नागरिक भारत सरकार की आंखों में धूल झोंकने की नीयत से गलत तरीके से पासपोर्ट बनवा कर गैर कानूनी रूप से भारत में प्रवेश कर रहा था।गिरफ्तार नाइजेरियन नागरिक की पहचान उचे जोसफ ओकई के रूप में हुई है।नाइजीरिया में20मई 1977को जन्मे उचे उर्फ बालो एंटोइने इस बार पश्चिमी अफ्रीकी देश रिपब्लिक ऑफ कोट डिआइवोईरे का पासपोर्ट ,वीजा के जरिए भारत में घुसपैठ की कोशिश में था।

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बुधवार को 8.20बजे उक्त विदेशी नागरिक नेपाल से भारत में प्रवेश के लिए मैत्री ब्रिज होते रक्सौल इमिग्रेशन चेक पोस्ट पहुंचा।वहां इमिग्रेशन क्लियरेंस के दौरान अधिकारियों की जांच में खुलासा हुआ कि उसके पास रिपब्लिक ऑफ कोट डिआइवोईरे का पासपोर्ट है,जबकि,वह नाइजीरिया का नागरिक है,जो भारत में पहली बार 15अप्रैल2012को भारत के मुंबई एयरपोर्ट पर पासपोर्ट संख्या A03519838 के जरिए भारत का तीन माह का मेडिकल वीजा ले कर आया था।इस मेडिकल वीजा संख्या V11609962(वैधता20मार्च2012 से 19 जून2012)की समाप्ति के बाद यह व्यक्ति भारत में अवैध रूप से लगभग12वर्ष से ज्यादा रहा ,जिसे बाद में एफ आर आर ओ मुंबई के द्वारा लिव इंडिया नोटिस जारी कर भारत के मुंबई एयरपोर्ट से 29दिसंबर2024को डिपोर्ट करके वापस नाइजीरिया भेज दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में वह व्यक्ति काठमांडू में त्रिभुवन एयरपोर्ट पहुंचा और फर्जी नाम ,जन्मतिथि और पता,देश बदल कर रिपब्लिक ऑफ कोट डिआइवोईरे के पासपोर्ट संख्या 21AH 16164और वीजा संख्या VN1651653(B-1Visa ) से आज भारत प्रवेश करने की जुगत में था,इसी बीच उसे इंडियन इमिग्रेशन कार्यालय में दबोच लिया गया।उसका बदला हुआ नाम बालो एंटोइने,जन्म तिथि6जून1977 ,नागरिकता रिपब्लिक ऑफ कोट डिआइवोईरे की है।अग्रतर करवाई के लिए उसे हरैया थाना को सौप दिया गया है।जहां थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान पूछ ताछ और अग्रतर करवाई में जुटे हुए हैं।इस बीच एसपी स्वर्ण प्रभात ने जारी प्रेस नोट में बताया कि यह जांच की जा रही है कि देश निकाला के बावजूद दुबारा भारत में प्रवेश के पीछे इसकी मंशा क्या है।रिपब्लिक ऑफ कोट डिआइवोईरे की नागरिकता,वहां का वीजा,पासपोर्ट कैसे हासिल हुआ।इधर,सुरक्षा एजेंसियां भी इससे पूछ ताछ में जुटी हुई है।
