
रक्सौल।(Vor desk)।… आखिरकार पुल ने ‘नर बलि’ ले ही ली! रक्सौल के कोईरिया टोला स्थित अंबेडकर चौक पर नहर में आधी रात को बाइक गिरने से हुए हादसे में बेतिया निवासी बाइक चालक युवक की जान चली गई।वहीं,बाइक सवार युवक रक्सौल के निजी हॉस्पिटल में जीवन मौत से जूझ रहा है।वह भी पुलिस और स्थानीय लोगों के मदद के कारण हॉस्पिटल पहुंच सका।
घटना बीती रात्रि करीब एक बजे की है।दोनो युवक बेतिया से एक बाइक से आ रहे थे।उन्हें नहीं पता था कि पुल बन रहा है। अनभिज्ञता में बाइक को उन्होंने पुल निर्माण स्थल के पास शहर में प्रवेश के लिए दौड़ा दिया और यह दुखद हादसा हो गया।
बाइक घोड़ासहन नहर में जा गिरी।बेतिया के काली बाग निवासी बाइक चालक दानिश जावेद बुरी तरह घायल हो गया।उसे माथे में गंभीर चोट आई।बताया गया है कि उसकी स्पॉट डेथ हो गई।वहीं,पीछे सवार नहर में गिरने के बाद अमन कराहता और शोर करता पड़ा रहा।सूचना मिलते ही रक्सौल थाना की टीम करीब पंद्रह मिनट में पहुंच गई।खुद रक्सौल थानाध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर विजय कुमार सदल बल पहुंचे।स्थानीय कुछ युवकों के साथ स्वच्छ रक्सौल के रणजीत सिंह आदि पहुंचे और रेस्क्यू में जुट गए। वहीं,स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल 112 टीम के पुलिस सब इंस्पेक्टर रवि कुमार नहर में वर्दी खोल कर खुद नहर में कूद गए।बाइक तो नहीं मिली। जावेद को निकाला।अमन को निकाला।उन्हें स्थानीय एसआरपी हॉस्पिटल पहुंचाया।जावेद को नहीं बचाया जा सका।अस्पताल में जावेद को मृत घोषित कर दिया गया।एसआरपी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डा सुजीत कुमार के मुताबिक,अमन की हालत नाजुक बनी हुई है।आईसीयू में इलाज जारी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक,मृतक दानिश जावेद पश्चिम चंपारण के बेतिया कालीबाग का निवासी है।जबकि अमन कुमार हॉस्पिटल रोड बेतिया का निवासी हैं।परिजनो को सूचना देने की प्रक्रिया की गई है।
इधर,इस दुःखद हादसे ने लोगों को हिला दिया है और मातम का आलम है।रक्षा बंधन के एक दिन पहले एक भाई की जान चली गई,एक की जिंदगी दाव पर है।लोग कह रहे हैं की कोई बताएं कि उनकी बहनों पर क्या बीत रही होगी?इसकी भरपाई कैसे होगी?
आलोचनाओं का दौर थम नहीं रहा।आक्रोश साफ दिख रहा है।नहर के स्लैब पुल से इस नहर में दर्जनों बाइक गिर कर हादसे का शिकार हो चुके हैं। बाईकों को निकालने की मशक्कत अलग होती है।नहर में बाइक गिरने की दुर्घटना में अनगिनत लोग घायल भी हो चुके हैं।चेतावनी और आंदोलनों के बावजूद रक्सौल में बन रहे इस हाई लेबल ब्रिज ने आखिर ‘नर बलि’ ले ही ली।दुर्घटना के बाद सूचना मिलते ही टीम के साथ पहुंचे स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इसे नर बलि करार देते हुए इसके लिए जन प्रतिनिधियों और पुल निर्माण निगम को दोषी करार दिया।उन्होंने आरोप किया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मजबूत पुल तोड़ दिया गया और मजबूत डायवर्शन भी नहीं बना।यदि ऐसा हुआ होता तो आज इतना बड़ा हादसा नहीं होता।उन्होंने इस मामले में सरकार से न्याय और मुआवजा की मांग की है।उन्होंने कहा कि आज पूर्वी चंपारण जिलाधिकारी से मिल कर ज्ञापन सौंपेगे और मांग करेंगे कि इसे हत्या करार देते हुए उच्चस्तरीय जांच करा कर दोषियों को सजा दी जाये।उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी और शासन प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है कि दुर्घटनास्थल या आस पास कहीं बैरिकेडिंग नहीं की गई है,जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।

बता दे कि काठमांडू दिल्ली सड़क खंड अंतर्गत रक्सौल मेन रोड स्थित कोईरिया टोला अंबेडकर चौक पर 4.98 करोड़ की लागत से बन रहे हाई लेबल ब्रिज का निर्माण कोई अप्रैल माह से चल रहा है।इस बीच ह्यूम पाइप लगा कर डायवर्शन बनाया गया था,जो विगत माह सिंचाई कारण से ध्वस्त कर दिया गया।इसके बाद इंडिया गठबंधन के द्वारा विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन हुआ।जनसुराज नेत्री पूर्णिमा भारती ने आमरण अनशन किया।इसके बाद जल्द पुल निर्माण का आश्वासन मिला।लेकिन,इससे पहले ही दुखद हादसे में निर्दोष जान चली गई।
