
रक्सौल।(Vor desk)।रक्सौल नगर में जल संकट से त्राहि त्राहि की स्थिति के बीच नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
रविवार को वार्ड संख्या 19 के पार्षद सोनू गुप्ता के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन और धरना का आयोजन हुआ।जिसमे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।इसमें भेद भाव और गड़बड़ी के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए खूब नारेबाजी की गई ।
इस धरना प्रदर्शन में समाजसेवी महेश अग्रवाल,पूर्व प्रमुख संतोष कुमार उर्फ पप्पू जी,स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रणजीत सिंह आदि ने एक स्वर से नगर में पेय जल संकट के निराकरण की मांग करते हुए नल जल योजना में हुई गड़बड़ी के उच्चस्तरीय जांच की मांग की।कहा कि यदि नल जल योजना रक्सौल में सुचारू रहती,तो,शहर को जल संकट से नहीं जुझना पड़ता।इस संकट के दौर में जल्दबाजी में नल जल योजना पर काम शुरू हुआ है,जो,सही से नहीं हो रहा।श्री अग्रवाल ने कहा कि दूर दृष्टि के तहत बिहार सरकार ने नल जल योजना वर्ष2018 में शुरू की थी।नगर में कई वार्डों में इस पर काम ही शुरू नहीं हुआ।कुछ वार्ड में फंड जारी होने के बाद योजना धरातल पर नहीं उतरी।इस मामले की गहन जांच कर करवाई जरूरी है।
वहीं,नगर पार्षद सोनू गुप्ता ने कहा कि जल संकट शुरू होने पर निजी कोष से तीन वाटर टैंकर से पानी पहुंचाने का काम शुरू किया गया,जिससे काफी राहत मिली।लगातार कई हफ्तों तक विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति की जाती रही। नगर के कई वार्ड पार्षदों और नागरिकों ने भी उनसे संपर्क कर अपने-अपने क्षेत्रों में पानी भेजने का आग्रह किया। परंतु इसी दौरान नगर परिषद द्वारा अचानक उनके टैंकरों को परिषद के पंप से पानी भरने में आनाकानी शुरु की गई।जिसके खिलाफ रक्सौल एसडीओ को आवेदन दे कर ध्यानाकर्षण भी कराया गया।उन्होंने इसे अमानवीय और भेद भावपूर्ण बताते हुए कहा कि मेरे वार्ड में नल जल योजना का टेंडर राम विनय सिंह को मिला है।इसके लिए कई वर्ष पूर्व 40लाख रुपए दिया जा चुका है। परंतु आज तक यह योजना पूर्ण सुचारू नहीं हो सका।इस तरह की गड़बड़ी कई वार्डों में है।उन्होंने कहा कि नगर परिषद बोर्ड से प्रत्येक वार्ड में 5समरसेबल लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ,लेकिन,मेरे वार्ड में मात्र एक लगा।पाइप भी नहीं लगा।ऐसे में यह धरना प्रदर्शन आयोजित करना पड़ा,ताकि,शहर को समस्या से निजात मिले।
इधर, रविवार की सुबह कौड़ीहार चौक पर इस एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद सैकड़ों की संख्या में नागरिक, समाजसेवी, व्यापारी और विभिन्न संगठनों के लोग एकत्रित हुए और नगर परिषद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय विधायक की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक विरोध के रूप में साड़ी-चूड़ी दिखाकर नगर परिषद के अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए। सोनू गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा, “जब जनता को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, तब अधिकारियों की संवेदनहीनता असहनीय है। जो काम नगर परिषद को करना चाहिए था, वह मैंने निजी खर्च पर किया। लेकिन अब उसमें भी रोड़ा अटकाया जा रहा है।”
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
हालांकि,इस बीच नगर परिषद प्रशासन ने वार्ड 19में रविवार को ही त्वरित पहल के तहत दो समरसेबल लगाया,जिसके बाद धरना के मंच से ही नगर पार्षद सोनू गुप्ता ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डा मनीष कुमार और उप सभापति पुष्पा देवी के प्रति आभार प्रकट किया।
