
रक्सौल।(Vor desk)। रेलवे स्टेशन पर मानव व्यापार और बाल मजदूरी रोकने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया गया था। इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल, बचपन बचाओ आंदोलन, एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग एसएसबी, और राजकीय रेल पुलिस शामिल थे। इस दौरान मुंबई जाने वाली ट्रेन से चार नाबालिग बच्चों और तीन ठेकेदारों को संदेह के आधार पर पकड़ा गया।
इन बच्चों को नासिक बैग फैक्ट्री, मुंबई बैग फैक्ट्री, और इंदौर में जड़ी फैक्ट्री में मजदूरी करने के लिए ले जाया जा रहा था। बच्चों को 6-7 हजार रुपये मिलते थे और खाना-रहना उसी में दिया जाता था। एक बच्चे के परिवार वालों को 10 हजार रुपये एडवांस के रूप में ठेकेदार द्वारा दिया गया था।
पकड़े गए बच्चे पूर्वी चम्पारण जिला के रहने वाले थे, जिनकी उम्र 12-15 वर्ष के बीच थी। ठेकेदार भी पूर्वी चम्पारण जिला के रहने वाले थे, जिनके नाम मो इजरायल, मो अफसारुल, और मो साजिर आलम हैं। रेलवे सुरक्षा बल सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्रा द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और तीनों ठेकेदारों को न्यायिक हिरासत में लिया गया है। बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर बाल गृह में आवासित किया गया है।
