
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल स्थित अनुमंडल अस्पताल के रोगी कल्याण समिति का पुनर्गठन किया गया है। जिसके नामित सदस्यों ने बुधवार को समिति के पदेन अध्यक्ष सह एसडीओ मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमे अस्पताल की बेहतरी और सुविधा संपन्न बनाने पर चर्चा हुई।

इसके बाद बिहार सरकार द्वारा नामित समिति की छह सदस्यीय टीम में शामिल सदस्य ऊषा देवी,मोदेलाल पासवान,ध्रुव प्रसाद,अनुराधा शर्मा,मोती बैठा,सुबोध कुमार साह ने अनुमंडलीय अस्पताल रक्सौल का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिलाया।

समिति की टीम ने अस्पताल उपाधीक्षक सह पदेन सचिव डा राजीव रंजन कुमार के साथ अस्पताल में मौजूद विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया, जिनमें ओपीडी सेवाएं, दवा वितरण कक्ष, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे विभाग, खून जांच विभाग और इमरजेंसी सेवाएं शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में सेवा को और बेहतर बनाने की जरूरत है।
- दंत चिकित्सक और फिजियोथैरेपी: दंत चिकित्सक का कक्ष खाली मिला और फिजियोथैरेपी विभाग में भी डॉक्टर अनुपस्थित थे। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
- साफ-सफाई: समिति ने फर्श पर गंदगी और ओपीडी के पास गुटखा खा कर फेंका पाया।जिस पर अस्पताल प्रशासन से साफ-सफाई को बेहतर रखने के लिए कहा गया,ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
- एसी और लैब विभाग: समिति ने मांग की कि अस्पताल प्रशासन जल्द से जल्द खराब हुई एसी को ठीक कराए। पंखा ठीक कराएं।लैब विभाग में यूपीएस नहीं होने से जांच मशीन बार-बार खराब हो रही थी, जिसे जल्द से जल्द ठीक करने की आवश्यकता है।
- मरीजों का हाल-चाल: समिति के सदस्यों ने इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना और अस्पताल प्रशासन को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
समिति सदस्य सुबोध कुमार और उषा श्रीवास्तव ने कहा कि इस निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल की सुविधाओं में सुधार करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। रोगी कल्याण समिति की भूमिका अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और प्रशासन को मरीजों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण है।
