
रक्सौल।(Vor desk)।तेज तर्रार और कर्तव्यनिष्ठ छवि वाले चर्चित डीएसपी अभिनव पराशर को रक्सौल में प्रभारी डीएसपी बनाया गया है।वर्तमान डीएसपी धीरेंद्र कुमार को अवैध वसूली के आरोपों के मामले में डीआईजी हर किशोर राय के रिपोर्ट पर पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया है।वहीं,बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेश से
मोतिहारी क्राइम ब्रांच के वर्तमान साइबर डीएसपी अभिनव पाराशर को अगले आदेश तक के लिए रक्सौल का प्रभार दिया गया है। उन्हें 9मार्च 2025 को विशेष शाखा, पटना से मोतिहारी में स्थानांतरित किया गया था।प्रभार मिलने के बाद श्री पराशर ने कहा है कि रक्सौल में शांति,सुव्यवस्था पहली प्राथमिकता होगी।अपराधी ,भ्रष्टाचारी,नशा कारोबारी,भू माफिया बख्शे नहीं जायेंगे।इधर,उनको प्रभारी डीएसपी बनाए जाने के बाद नागरिक समाज द्वारा उन्हें यहां स्थाई रूप से पदस्थापित करने की मांग की जाने लगी है।संभावना संस्था के अध्यक्ष भरत प्रसाद गुप्त,अंबेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम ,कोषाध्यक्ष बिट्टू गुप्ता आदि ने उनके छवि और जाबांजी को देखते हुए रक्सौल में उनके नियमित पदस्थापना की मांग की है।वहीं,सामाजिक कार्यकर्ता नुरुल्लाह खान ने भी रक्सौलवासियों की उम्मीदों को देखते हुए डीजीपी को मेल कर उनके स्थाई पदस्थापना की मांग की है।
डीएसपी बनने का सफर
अभिनव पराशर ने 64वीं बीपीएससी परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल कर अपने पहले ही प्रयास में डीएसपी का पद प्राप्त किया।मोतिहारी में पदस्थापना से पहले, वे विशेष शाखा, पटना में कार्यरत थे। प्रशिक्षु डीएसपी के तौर पर उन्होंने बहादुरगंज में थानाध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। वहां उन्होंने उत्क्रमित मध्य विद्यालय भाटाबाड़ी में स्कूली बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया और किशोरियों को प्रेमजाल से बचने तथा अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की सलाह दी थी।उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय कर ईमानदारी से पढ़ाई करने और करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी प्रेरित किया।
मोतिहारी में साइबर डीएसपी के रूप में उनकी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं:
- फर्जी फेसबुक आईडी से ठगी करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी: हाल ही में (जुलाई 2025 में), उन्होंने मोतिहारी एसपी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर साइबर ठगी करने वाले दो अपराधियों को राजस्थान से गिरफ्तार करवाया है।इस मामले में, साइबर डीएसपी अभिनव पराशर के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया था, जिसने वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अपराधियों को चिन्हित किया।
- अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के सरगना के आत्मसमर्पण में भूमिका: उन्होंने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह “बॉस” के सक्रिय बदमाश अनिमेश के आत्मसमर्पण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे इस गिरोह के कई और बदमाश गिरफ्तार हो चुके हैं।
- साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी बरामदगी: उनकी टीम ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24 मोबाइल, 7 लैपटॉप, 2 टैबलेट, और बड़ी मात्रा में नकद व कारतूस बरामद किए हैं।
- क्रिप्टो करेंसी मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई: उनकी टीम ने क्रिप्टो करेंसी में मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
- सोशल मीडिया में अश्लीलता के खिलाफ कारवाई की भी खूब प्रशंसा हुई, इससे आम लोगों को राहत मिली।
पुलिस विभाग में अभिनव पराशर अपनी कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने अपने गृह जिले मुजफ्फरपुर का भी मान बढ़ाया है।
