Tuesday, March 10

ब्राह्मणों के प्रवेश वर्जित वाले बोर्ड मामले में तीन पर प्राथमिकी,यूट्यूबर ने कहा-मोतिहारी पुलिस से ऐसी उम्मीद नहीं थी..!

रक्सौल।(Vor desk)।बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर प्रखंड अंतर्गत टिकुलिया गांव में ब्राह्मणों का पूजा पाठ कराना सख्त वर्जित वाला बोर्ड लगाने के मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर शोहरत के लिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश विफल करते हुए एक यूट्यूबर समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया है।

दरअसल जिले के आदापुर थाना क्षेत्र के टिकुलिया गांव में “ब्राह्मणों का पूजा पाठ कराना सख्त वर्जित है,पकड़े जाने पर दंड के भागी होंगे!” लिखे बोर्ड ने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय समाज तक सनसनी फैला दी।बाद में एसडीओ मनीष कुमार के त्वरित पहल के बाद वहां मेरा भारत महान का बोर्ड लगा दिया गया था।इस बीच पुलिस जांच में सामने आया कि यह बोर्ड मंदीप कुमार नामक युवक (यूट्यूबर) द्वारा लगाया गया है, जिसका मकसद यूट्यूब पर फेमस होना और विवाद खड़ा करना था। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आदापुर थाना में कांड संख्या 246/25 दर्ज किया है।

टिकुलिया निवासी कृष्णा राय के पुत्र मंदीप कुमार ने यह कृत्य अपने दो साथियों के सहयोग से किया, जिसमें बखरी निवासी संजीत कुशवाहा और भेलवा निवासी मनीष कुमार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों ने मिलकर गांव के बाहर ऐसा बोर्ड लगवाया जिससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ सके। लेकिन गांव के बुद्धिजीवियों ने तुरंत इसकी जानकारी दी और मोतिहारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोर्ड हटवा दिया।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मंदीप कुमार पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहा है, जिनमें शराबबंदी कानून के उल्लंघन, चोरी, अश्लीलता और मारपीट के कुल 11 मामले शामिल हैं। ऐसे लोगों की हरकतें समाज को बांटने की कोशिश होती हैं, जिसे प्रशासन कभी सफल नहीं होने देगा। जो लोग अफवाह फैलाकर समाज में जहर घोलना चाहते हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा, “सोशल मीडिया कोई मनमानी करने का मंच नहीं है और न ही नफरत फैलाने का जरिया है। इस मामले में जो भी शामिल होंगे कार्रवाई होगी।”

कहा जा रहा है कि यह घटना सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का उदाहरण है। और अब बहस का मुद्दा बन गया है।यह बहस इसलिए भी शुरू हुई है कि वहां के लोग यह कह रहे थे कि जिन्हें,वेद शास्त्र का ज्ञान नहीं ,मांस मदिरा का सेवन करते हों,उन्हें पूजा पाठ कराने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।उनका यह भी कहना था कि जो इस मानक को पूरा करते हो और योग्य हों,उन्हें ही पूजा पाठ की अनुमति होनी चाहिए।बताया जा रहा है कि यूपी के इटावा में कथावाचक मुकुट मणि सिंह के साथ हुए दुर्व्यवहार और बदसलूकी के प्रतिक्रिया में यह बोर्ड लगा था।विधान सभा चुनाव से पहले हुए इस वाक्या ने तरंग पैदा कर दिया है।वैसे ,समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है क्योंकि नफरत से न किसी को शोहरत मिलती है, न सम्मान।हालाकि,यूट्यूबर संजीत कुमार ने अपने जारी वीडियो में कहा कि मोतिहारी पुलिस से ऐसी उम्मीद नहीं थी। खबर चलाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है।

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