
*रक्सौल बॉर्डर पर बम मिलने के बाद इंडो नेपाल बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
*और भी बम होने की आशंका में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी
रक्सौल ।(Vor desk)। इंडो नेपाल बोर्डर स्थित मैत्री पुल के नीचे सरिसवा नदी तट पर मिले जिंदा हैंड ग्रेनेड बम को एसएसबी और बिहार के पुलिस के बम डिस्पोजल दस्ते ने संयुक्त रूप से नष्ट कर दिया है।इस अभियान में मुजफ्फरपुर से आई टीम के साथ ही एसएसबी और पुलिस सहित अन्य सुरक्षा निकाय के अधिकारी मौजूद रहे ।बम डिस्पोज के दौरान इतना तेज धमाका हुआ, कि इलाका दहल गया।इससे साफ हो गया है यह हैंड ग्रेनेड शक्तिशाली जिन्दा बम था और कोई बॉर्डर पर कोई बड़ी साजिश को अंजाम देने की योजना थी,जिसकी जांच चल रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक,मैत्री पुल से बम को हटा कर एयरपोर्ट ले जाया गया।वहां कड़ी सुरक्षा के बीच गढ़ा खोद कर बालू के बोरा की चारदिवारी बना कर बम को रखा गया।उपरांत,करीब 300 मीटर की दूरी से वायर स्पार्क की मदद से ग्रेनेड को सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया गया। विस्फोट के दौरान तेज आवाज और आग का गोला देखने को मिला, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
इस मौके पर बिहार पुलिस की बम निरोधक टीम भी मौजूद रही और दोनों बलों ने संयुक्त रूप से ग्रेनेड को निष्क्रिय करने की कार्रवाई को अंजाम दिया।इस घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।पूरे इलाके में अतिरिक्त गश्ती और निगरानी बढ़ा दी गई है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं।
लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन

बम डिफ्यूजन के बाद मैत्री पुल पर बम स्कैनिंग, स्कैनर बैगेज मशीन और डॉग स्क्वायड टीम की तैनाती कर दी गई। बम निरोधक दस्ते ने मेटल डिटेक्टर से सरिसवा नदी और मैत्री पुल के आसपास गहन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन किसी और ग्रेनेड की बरामदगी नहीं हुई।वहां और भी
बम होने की आशंका के मद्देनजर यह सर्च अभियान चलाया गया।यह अभियान देर रात तक चला।सुबह भी बम निरोधक दस्ते और एसएसबी जवानों ने तलाशी अभियान चलाया।इस मामले में हरैया थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

इस बारे में पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी यह पता लगाएगी कि हैंड ग्रेनेड सीमावर्ती क्षेत्र में कैसे पहुंचा। साथ ही इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी भी जांच होगी।
डॉग स्क्वायड की मदद से एसएसबी जांच में सक्रिय
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं।आशंका है कि मैत्री पुल,एसएसबी कैंप और कस्टम ऑफिस निशाने पर थे।इसको देखते हुए बॉर्डर पर जांच और चौकसी बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच हो रही है।संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जाती है।
एसएसबी के डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। सीमा पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। आशंका है कि नेपाल में किसी ने हैंड ग्रेनेड नदी में छुपाया अथवा फेंका होगा। मैत्री पुल पर अलग अलग एसएसबी टीम के साथ रक्सौल कस्टम के अधिकारी दिन-रात सीमा की सुरक्षा में सक्रिय रहते है,ऐसे में यह वाक्या हैरान करने वाली है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बोर्डर की सुरक्षा संवेदशीलता बढ़ गई है।नेपाल के रास्ते अवैध घुसपैठ करते हाल ही में कई विदेशी नागरिकों को रक्सौल बॉर्डर पर पकड़ा गया है।
