
रक्सौल ।(Vor desk)।सीमावर्ती रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र में बीते एक माह के भीतर आठ से अधिक बच्चियों के लापता होने की घटनाओं ने शहर में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। सामाजिक संस्था स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रणजीत सिंह के नेतृत्व में लापता बच्चियों के परिजनों ने एसडीपीओ को एक ज्ञापन सौंपा और मांग किया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित करवाई की जाए।
ज्ञापन की मुख्य बातें
ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिस इन घटनाओं को प्रेम प्रसंग का मामला बताकर हल्के में ले रही है, जबकि परिजनों को किसी प्रकार की ठोस जानकारी या राहत नहीं दी जा रही है। कई मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी की गई है और जांच में पारदर्शिता की कमी रही है।
मुख्य मांगें
- त्वरित और निष्पक्ष जांच: हर लापता बच्ची की त्वरित और निष्पक्ष जांच हो।
- विशेष जांच दल: प्रत्येक मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
- सीसीटीवी कैमरे और गश्ती: संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे लगाए जाएं और गश्ती बढ़ाई जाए।
- थानों को निर्देश: थानों को निर्देशित किया जाए कि वे हर शिकायत को प्राथमिकता दें और परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें।
- जन जागरुकता अभियान चला कर जागरूक किया जाए और बेटियों को सुरक्षा संरक्षण दी जाए।
आक्रोश और मांग
लापता बच्चियों के परिजनों और स्वच्छ रक्सौल के अध्यक्ष रणजीत सिंह सहित अन्य सदस्यों ने एसडीपीओ से मांग की है कि वे इन मामलों को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द कार्रवाई करें। वे चाहते हैं कि बच्चियों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।संस्था की साबारा खातून सहित पुष्पा सिंह किन्नर, संतोष साह, विजय पांडे, कन्हैया कुमार आदि ने इस ज्ञापन के जरिए एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, व्यवहारिक और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
