रक्सौल।( vor desk )।’लहरों को साहिल की दरकार नहीं होती,
हौसला बुलंद हो तो कोई दीवार नहीं होती,
जलते हुए चिराग ने आँधियों से ये कहा,
उजाला देने वालों की कभी हार नहीं होती!”यह उक्ति रक्सौल की अमीषा पर सटीक बैठती है।
अमीषा गुप्ता ने इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया यानी (सीए) की परीक्षा दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। परीक्षा परिणाम आने की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल और बधाई देने के लिए लोग पहुंचने लगे।अमीषा ने शहर के डंकन एकेडमी से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। नागा रोड स्थित वीमेंस कॉलेज से पठन-पाठन कर सेल्फ स्ट्डी शुरू की।
पिता प्रमोद गुप्ता और माता किरण देवी ने बेटी को पढ़ाने का संकल्प लेकर दिल्ली तैयारी के लिए भेज दिया। लगातार संघर्ष के बाद अमीषा ने आज सीए की परीक्षा में परचम लहराया। इसका श्रेय उसने माता पिता के अलावे गुरुजनों को दी है,जिसके आशीर्वाद व मार्गदर्शन से सफलता मिली है। सीपीटी यानी कॉमन प्रोफेसियास देश में 8 वां और पठन-पाठन कोचिंग में 48 वां रैंक था। अमीषा ने बताया, सफल होने का कोई राज नहीं हैl यह आपके द्वारा की गई तैयारी कठिन परिश्रम और असफलता से सीखने का प्रतिफल हैl

