
रक्सौल।(Vor desk)। शहर के निर्मला पैलेस में ‘न्याय नेटवर्क प्रोजेक्ट’ (डंकन अस्पताल) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण एनजीओ समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में बच्चों एवं बच्चियों को मानव तस्करी, शोषण और अन्य अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए एक साझा रणनीति तैयार करना था।
सीमा पार सुरक्षा के लिए बनेगा मजबूत नेटवर्क
बैठक की अध्यक्षता न्याय नेटवर्क के परियोजना प्रबंधक प्रणय सोमीत मोहंती ने की, जबकि शुभारंभ बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप के अध्यक्ष अमर किशोर ने किया। बैठक में उपस्थित भारत और नेपाल के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मासूमों को अपराध की दलदल से बचाने के लिए सभी संस्थाएं आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करेंगी। सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और पीड़ित बच्चों के पुनर्वास के लिए एक ‘मजबूत नेटवर्क’ तैयार करने पर भी सहमति बनी, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
इन प्रमुख संस्थाओं की रही सहभागिता
बैठक में दोनों देशों के प्रतिष्ठित संगठनों ने हिस्सा लिया, जिनमें बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप, आशीष परियोजना (नेपाल), माइती नेपाल, ग्राम नियोजन केंद्र, बल रक्षा भारत, चाइल्ड हेल्प लाइन, प्रयास संस्था, स्वच्छ रक्सौल, माहेर ममता निवास, प्रथम संस्था, नेत्रिका फाउंडेशन, सीबीआर प्रोजेक्ट और करुणा प्रोजेक्ट शामिल थे। सभी सदस्यों ने एकजुट होकर समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की।
महत्वपूर्ण उपस्थिति
इस अवसर पर न्याय नेटवर्क के परियोजना निदेशक जॉन थो सहित कामेश पॉल, गौरव कुमार राव, राकेश कुमार, मथुरा राम, आरती कुमारी, ज्योति सिंह, संजय मिश्रा और अनिरुद्ध कुमार सहित कई गणमान्य लोग और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
