
रक्सौल।(Vor desk)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की अपर महानिदेशक (एडीजी) श्रीमती रेखा लोहानी (भा.पु.से.) ने गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 47वीं वाहिनी एसएसबी, रक्सौल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और बल के जवानों का मनोबल बढ़ाया।

मैत्री पुल और आईसीपी का निरीक्षण
अपने दौरे के क्रम में अपर महानिदेशक भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI), एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) और भारत-नेपाल के मुख्य पारगमन मार्ग ‘मैत्री ब्रिज’ पहुंचीं। वहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात बलकर्मियों से सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी जानकारी ली। एडीजी ने विशेष रूप से सीमा पर होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या पर चर्चा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा पार करने वाले नागरिकों की पहचान व जांच-पड़ताल में पूरी सतर्कता बरती जाए ताकि सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य बनी रहे।

जवानों से संवाद और हौसला अफजाई
मैत्री पुल के निरीक्षण के पश्चात श्रीमती लोहानी 47वीं वाहिनी के मुख्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने बलकर्मियों के साथ सीधा संवाद किया और उनकी व्यक्तिगत एवं ड्यूटी से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवानों के कार्यों की सराहना की और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा में एसएसबी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नेपाली अधिकारियों व अन्य विभागीय प्रमुखों की रही मौजूदगी
इस विशेष दौरे के अवसर पर एसएसबी क्षेत्रक मुख्यालय बेतिया के उपमहानिरीक्षक श्री हरि प्रकाश, 47वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय पाण्डेय और द्वितीय कमान अधिकारी संजय रावत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त भारत-नेपाल समन्वय के प्रतीक स्वरूप नेपाल के एपीएफ (13वीं बटालियन) के एसपी मोहन बहादुर छेत्री, LPAI के पत्तन प्रशासक कुमार राजीव रंजन, उप कमांडेंट दीपक कृष्ण, आगले प्रिय दर्शन अरुण सहित एसएसबी के कई अधिकारी व जवान मौजूद थे।
