
रक्सौल। (VOR desk)। रक्सौल में माह-ए-रमजान की रूहानी फिजाओं के बीच शनिवार को आपसी भाईचारे और सौहार्द का एक भव्य नजारा देखने को मिला। राज्यसभा के पूर्व सदस्य और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता साबिर अली द्वारा आयोजित दावत-ए-इफ्तार में हजारों की संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस आयोजन ने रक्सौल की गंगा-जमुनी तहजीब को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

इफ्तार के इस विशेष अवसर पर साबिर अली ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का उद्देश्य किसी प्रकार की राजनीति नहीं, बल्कि आपसी मिल्लत और दिली जुड़ाव को बढ़ावा देना है।उन्होंने कहा कि यह आयोजन हिंदुस्तानी तहजीब से जुड़ा है।आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप रहा, जिसमें 70 प्रतिशत मुस्लिम और 30 प्रतिशत हिंदू सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने पूरी शिद्दत के साथ भाग लिया। यह रक्सौल का एक प्रतिष्ठित आयोजन माना जाता है, जिसे साबिर अली पिछले कई वर्षों से लगातार आयोजित करते आ रहे हैं।

इस भव्य दावत-ए-इफ्तार में राजनीति और समाज के कई दिग्गज चेहरे एक साथ नजर आए। समारोह में पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिभूषण राय (गप्पू राय),वरीय नेता हाफिज अंसारी,शशिभूषण सिंह,राजद नेता राम बाबू यादव, अंबेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम, जद यू नेता मोहम्मद एहतशाम,कांग्रेस नेता अखिलेश दयाल, पूर्व प्रमुख मोहम्मद नूर हसन, संतोष कुमार (पप्पू जी), आदापुर प्रमुख पति सरोज यादव,लोजपा नेता पंकज कुमार (लोहा पांडे), सांसद प्रतिनिधि राज किशोर राय, भाजपा नेता ई जितेंद्र कुमार कुशवाहा,भाजपा नेता सह पूर्व विधान सभा प्रत्याशी सुरेश यादव,राजद नेता सैफुल आजम,फखरुद्दीन आलम ,जन सूरज नेता सचिदानंद सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

आयोजन में शामिल अतिथियों ने साबिर अली की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करते हैं। इफ्तार के दौरान शहर के विभिन्न समुदायों के बीच दिखी यह एकजुटता रक्सौल के सामाजिक ताने-बाने को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संदेश दे गई।
