
रक्सौल ।(Vor desk)।
रक्सौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाओं को धार देने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘होम डिलीवरी’ (घर पर प्रसव) को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि घर पर प्रसव न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को बढ़ाने वाला सबसे बड़ा कारण है, जिसे हर हाल में शून्य पर लाना है।
लक्ष्यों की प्राप्ति पर ज़ोर
वित्तीय वर्ष के अंतिम पड़ाव को देखते हुए बैठक में लंबित स्वास्थ्य लक्ष्यों को समय रहते पूरा करने पर मंथन किया गया। डॉ. कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को सर्वे और ‘ड्यू लिस्ट’ को तत्काल अपडेट करने का निर्देश दिया। बैठक का मुख्य फोकस शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण पर रहा। ‘किलकारी’ योजना के तहत मिस्ड कॉल रजिस्ट्रेशन की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने को कहा गया।
आगामी चुनौतियों के लिए तैयारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने अप्रैल महीने से शुरू होने जा रहे ‘एईएस/जेई’ (AES/JE) रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और जागरूकता ही इस बीमारी के नियंत्रण की कुंजी है। इसके साथ ही, प्रसव पूर्व जांच (ANC), टेली-मेडिसिन सेवाओं की सक्रियता और गैर-संचारी रोगों (NCD) के रोकथाम कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। डिजिटल इंडिया की तर्ज पर ‘एम-आशा’ (m-ASHA) ऐप के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया ताकि धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पारदर्शी और वास्तविक समय (Real-time) में हो सके।
सामूहिक जवाबदेही का संकल्प
बैठक के दौरान बीसीएम सुमित सिन्हा ने विभागीय डेटा और उसके प्रबंधन पर चर्चा की। इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के एफएम नूर सलाम, मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायक जय प्रकाश कुमार, बीएएम शिल्पी कुमारी और पिरामल फाउंडेशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर देवेश कुमार मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि रक्सौल क्षेत्र में स्वास्थ्य संकेतकों को बेहतर बनाने के लिए सभी कर्मी एकजुट होकर कार्य करेंगे और वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करेंगे।
