
नई दिल्ली/रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल और मोतिहारी के बीच यातायात को सुगम बनाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है।पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सह पूर्वी चंपारण सांसद राधा मोहन सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर एनएच-28ए (नया एनएच-527डी) के पिपराकोठी-रक्सौल खंड को चार लेन में परिवर्तित करने का आग्रह किया है। लगभग 70 किलोमीटर लंबा यह मार्ग व्यापारिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
सांसद ने गिनाईं प्रमुख समस्याएं
सांसद राधा मोहन सिंह ने अपने पत्र में रेखांकित किया है कि वर्तमान में यह सड़क दो लेन की है, जिसमें डिवाइडर और पक्की शोल्डर की सुविधा का अभाव है। मोतिहारी जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाली इस सड़क पर यातायात का दबाव 20,000 पीसीयू (PCU) से अधिक हो गया है। सड़क की अपर्याप्त चौड़ाई और भारी स्थानीय आवाजाही के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। यह मार्ग बेतिया (पश्चिम चंपारण) को भी जोड़ता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।

बिना भूमि अधिग्रहण के संभव है चार लेन का काम
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को आश्वस्त किया है कि इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में उपलब्ध मार्ग की चौड़ाई करीब 60 मीटर है, जो चार लेन (आवश्यकतानुसार सर्विस रोड सहित) के निर्माण के लिए पर्याप्त है।
व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार
सांसद का मानना है कि रक्सौल से पिपराकोठी तक की सड़क को चार लेन बनाने से न केवल मोतिहारी के यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि नेपाल के साथ होने वाली आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। रक्सौल अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण यहां मालवाहक ट्रकों की भारी आवाजाही रहती है, ऐसे में चार लेन का मार्ग भारत और नेपाल के बीच व्यापार को और सुगम बनाएगा।
अब स्थानीय लोगों की नजरें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस पर आने वाले निर्णय पर टिकी हैं। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
