Wednesday, March 11

बीरगंज: ‘गृह लक्ष्मी स्वाभिमान अभियान’ के साथ नारी शक्ति का महाकुंभ, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न संस्थाओं की दिखी एकजुटता

वीरगंज।(vor desk)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीरगंज स्थित तेरापंथ भवन के तुलसी सभागार में ‘गृह लक्ष्मी स्वाभिमान अभियान’ के अंतर्गत एक भव्य महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती मीरा खेतान द्वारा फीता काटकर और नमस्कार महामंत्र के सामूहिक संगान के साथ अत्यंत गरिमामयी ढंग से हुआ। इस अवसर पर स्थानीय महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती ममता कोठारी ने स्वागत मंतव्य प्रस्तुत करते हुए उपस्थित सभी प्रबुद्ध अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

​समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय महिलाओं और गणमान्यों का सम्मान रहा। इस कड़ी में आमा नेपाल फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती प्रतिमा मानन्धर, इनर व्हील क्लब की अध्यक्षा श्रीमती मंजरी श्रेष्ठ, एकल जन कल्याण महिला संगठन की अध्यक्षा श्रीमती उषा लोहिया, उपकार सेवा नेपाल की अध्यक्षा श्रीमती पूजा पोद्दार, महेश्वरी समाज की अध्यक्षा श्रीमती नीतू काबरा, अग्रवाल महिला मंच की अध्यक्षा श्रीमती नूतन सरावगी, मारवाड़ी महिला मंच की अध्यक्षा श्रीमती सरोज अग्रवाल, संस्कार फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती रेणु अग्रवाल और अरुणोदय की अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा चमड़िया को दोशाला, मोमेंटो एवं सर्टिफिकेट देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही, स्थानीय सभा अध्यक्ष श्री दलीप कोठारी, नेपाल स्तरीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार बैद, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष श्री लोकेश जम्मड़ और नेपाल स्तरीय ज्ञानशाला आंचलिक संयोजक श्री सुरेश कुमार मनोत को भी सम्मानित कर उनका आभार प्रकट किया गया।

​कार्यक्रम का सांस्कृतिक सत्र राष्ट्रगान के भावपूर्ण संगान के साथ आरंभ हुआ। तत्पश्चात, मंत्री श्रीमती कुसुम मनोत के नेतृत्व में युवा महिला साथियों ने एक आकर्षक रैंप वॉक के जरिए एबीटीएम (ABTM) की चार प्रमुख परियोजनाओं को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नारी सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर उस समय दिखी जब सुश्री समृद्धि मनोत और सुश्री वमिका सेठिया ने अपने नृत्य के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​सम्मेलन के दूसरे चरण में उपस्थित गणमान्यों के बीच नारी उत्थान के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श का दौर चला। कार्यक्रम के समापन पर नारी शिक्षा की अनिवार्यता और उसके समाज पर प्रभाव को दर्शाती एक मर्मस्पर्शी लघु नाटिका का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। लगभग 100 से अधिक प्रतिभागियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुए इस सफल कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती अलका बोथरा ने किया, जबकि अंत में उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा बैद ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आभार ज्ञापन किया।

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