
रक्सौल।(Vor desk)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को ‘स्वच्छ रक्सौल’ के प्रशिक्षण केंद्र में एक भव्य महिला सम्मान समारोह एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की गरिमा को स्थापित करना और उनके सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था। समारोह में समाज सेवा, सुरक्षा और महिला अधिकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 13 महिलाओं को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाली हस्तियों में प्रियंका डारा, आरती श्रीवास्तव (प्रयास), आरती गुप्ता (न्याय नेटवर्क परियोजना), श्वेता श्रीवास्तव, एसएसबी से जुड़ीं विभा कुमारी और कामिनी कुमारी, ओम शांति से भारती कुमारी, एसआई अनीता सिन्हा एवं कुमारी बिट्टू, नेहा श्रीवास्तव, निक्की सिंह, उषा श्रीवास्तव तथा अनिला तिवारी शामिल रहीं। इन महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर समाज के समक्ष एक मिसाल पेश की है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से तीन तलाक और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान बाल विवाह की विभीषिका झेल चुकी महिलाओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और बताया कि कम उम्र में विवाह के कारण कैसे उनका बचपन, शिक्षा और सुनहरे सपने दम तोड़ गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल शारीरिक और मानसिक शोषण का कारण बनता है, बल्कि एक संपूर्ण जीवन को सामाजिक जंजीरों में जकड़ देता है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह और महिलाओं के अधिकारों का हनन समाज के लिए एक नासूर की तरह है, जिसे जड़ से मिटाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘स्वच्छ रक्सौल’ के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर संकल्प दोहराया कि उनका संगठन महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और जागरूकता के लिए निरंतर अपने अभियान को गति देता रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की।
