
आदापुर/रामगढ़वा (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)।: भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी का अंतरराष्ट्रीय जाल लगातार फैलता जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़वा क्षेत्र से आदापुर प्रखंड के सिरसिया माल गाँव निवासी माँ-बेटे को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्जिदा खातून और उनके बेटे दिलशाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उनके पास से 458 ग्राम स्मैक बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 से 50 लाख रुपये आंकी गई है।
साधारण परिवार की आड़ में तस्करी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह परिवार आर्थिक रूप से बेहद सामान्य पृष्ठभूमि का है। आरोपी महिला सन्जिदा खातून रामगढ़वा बाजार में चूड़ी की दुकान चलाती थी, जबकि उसका पति काठमांडू (नेपाल) में रहकर सिलाई का काम करता है। पुलिस को संदेह है कि परिवार की इसी सामान्य छवि की आड़ में ये लोग लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के धंधे में शामिल थे।
गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
रामगढ़वा पुलिस पिछले कुछ समय से इस परिवार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। एक सटीक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और छापेमारी कर माँ-बेटे को रंगे हाथों दबोच लिया। इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक की बरामदगी इस बात का संकेत है कि इसके पीछे किसी बड़े संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है।
तस्करी का संभावित रूट: नेपाल से महानगरों तक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तस्करी का यह नेटवर्क नेपाल से शुरू होकर बिहार के रास्ते भारत के बड़े शहरों तक फैला हुआ है। तस्कर आमतौर पर इस मार्ग का उपयोग करते हैं:
नेपाल → सीमावर्ती गाँव → रामगढ़वा/आदापुर → मोतिहारी → बिहार के अन्य शहर → भारत के बड़े महानगर।
बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद
पुलिस फिलहाल गिरफ्तार माँ-बेटे से कड़ी पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि उन्हें स्मैक की खेप नेपाल में कहाँ से मिली और स्थानीय स्तर पर इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से सीमा पार सक्रिय ड्रग्स माफियाओं के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकेगा।
