Saturday, March 7

नेपाल आम चुनाव: छिटपुट हिंसा के बीच 60% मतदान, अब लोहे की जाली और सीसीटीवी के कड़े पहरे में मतगणना शुरू

काठमांडू/वीरगंज/रक्सौल।(Vor desk)

पड़ोसी देश नेपाल में नई सरकार चुनने के लिए प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के चुनाव गुरुवार, 5 मार्च को उत्साहपूर्ण और सामान्यतः शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गए। निर्वाचन आयोग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, देशभर में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ है। मतदान संपन्न होते ही सभी मतपेटियों को सील कर भारी सुरक्षा के बीच गणना केंद्रों पर पहुँचा दिया गया है, जहाँ कई जिलों में सर्वदलीय बैठक के बाद मतगणना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

चुनावी आंकड़े और ‘जेनजी’ उत्साह

​संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र बनने के बाद नेपाल का यह तीसरा आम चुनाव है। कुल 275 सीटों (165 प्रत्यक्ष और 110 समानुपातिक) के लिए हुए इस मतदान में लगभग 1.89 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया। ‘जेनजी (Gen-Z) आंदोलन’ के बाद हो रहे इस चुनाव में युवाओं की भागीदारी और राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद साफ तौर पर देखी गई। मैदान में 65 दलों के 3,406 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

मतगणना की अभेद्य किलेबंदी

​विगत के वर्षों में मतपत्र फाड़ने जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए निर्वाचन आयोग ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कार्यवाहक प्रमुख निर्वाचन आयुक्त रामप्रसाद भण्डारी ने बताया कि मतगणना स्थलों को लोहे की मजबूत जाली और तारों से घेरा गया है। इसके अलावा, हर केंद्र पर 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

  • पर्सा की स्थिति: पर्सा क्षेत्र नं. 1 और 2 की मतगणना वीरगंज के ठाकुर राम बहुमुखी कैंपस में हो रही है, जबकि क्षेत्र नं. 3 और 4 की गणना पोखरिया उच्चांगल विद्यालय में जारी है। मतगणना स्थल की सुरक्षा के लिए स्निफर डॉग्स से विस्फोटक की जांच कराई गई है।

मधेश में ‘अति संवेदनशील’ केंद्रों पर भारी पहरा

​बिहार की सीमा से सटे मधेश प्रदेश में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी। प्रदेश के कुल 2,160 मतदान स्थलों में से 1,246 को ‘अति संवेदनशील’ श्रेणी में रखा गया था। अकेले सप्तरी जिले में 209 केंद्र रेड जोन में थे। हालांकि, 40,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और ड्रोन कैमरों की निगरानी के कारण मधेश में मतदान भयमुक्त रहा। वीरगंज में रेखा देवी और धर्मेंद्र गुप्ता जैसे मतदाताओं ने कहा कि इस बार बिना किसी दबाव के मतदान कर उन्हें बदलाव की उम्मीद जगी है।

सीमा पर सन्नाटा और कड़े प्रतिबंध

​चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल के बीच 72 घंटों के लिए बॉर्डर सील रखा गया है। रक्सौल-वीरगंज मैत्री पुल पर भारतीय एसएसबी और नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल (APF) संयुक्त गश्त कर रहे हैं।बॉर्डर शुक्रवार की सुबह खुलेगा।

  • रक्सौल का हाल: सीमा बंद होने से रक्सौल के व्यापारिक केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग दिनभर टीवी और मोबाइल से नेपाल के चुनावी रुझानों की जानकारी लेते रहे।
  • वाहन जब्त: बारा जिले में आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में 100 से अधिक वाहन और पर्सा में दो दर्जन भारतीय बाइक को पुलिस ने नियंत्रण में लिया है।

आकस्मिक घटनाएं

बारा के सिमरौनगढ़ में एक मतदानकर्मी श्याम प्रसाद साह उच्च रक्तचाप के कारण बेहोश हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आगे क्या?

​निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि प्रत्यक्ष प्रणाली (FPTP) के नतीजे गणना शुरू होने के 24 घंटे के भीतर आने शुरू हो जाएं और एक सप्ताह के भीतर देश का अंतिम चुनावी परिणाम घोषित कर दिया जाए। दुर्गम 15 जिलों से मतपेटियां लाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जा रहा है।

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