

रक्सौल ।(Vor desk)।होली के त्योहार से पूर्व सीमावर्ती शहर रक्सौल को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। रविवार को अनुमंडल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों में औचक छापेमारी की, जिससे अवैध कारोबारियों में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रमुख अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह विशेष अभियान अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDOP) मनीष आनंद के संयुक्त नेतृत्व में चलाया गया। पुलिस बल के साथ अधिकारियों ने कौड़िहार चौक सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों और प्रमुख बाजारों में सघन तलाशी ली। इस दौरान पान की दुकानों और जनरल स्टोर्स की बारीकी से जांच की गई।

युवाओं के भविष्य को लेकर प्रशासन सख्त
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी। अभियान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- सूखा नशा पर प्रहार: युवाओं में बढ़ती नशे की लत को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित सामग्री बेचने वालों को जेल भेजा जाएगा।
- नियमित निगरानी: एसडीओ मनीष कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- जनता से अपील: एसडीपीओ मनीष आनंद ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे नशे के कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि इसे जड़ से खत्म किया जा सके।

छापेमारी से मची खलबली
रविवार को हुई इस अचानक कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। कई संदिग्ध दुकानदार कार्रवाई के डर से सतर्क दिखे, वहीं कुछ ने प्रशासन को स्वेच्छा से संदिग्ध सामग्री हटाने का आश्वासन दिया। इस टीम में रक्सौल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार और हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत:
शहर के बुद्धिजीवियों और आम जनता ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ नशीले पदार्थों की आवक पर अंकुश लगाना नितांत आवश्यक है।
