
रक्सौल ।(Vor desk)। शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ ने गुरुवार को उग्र रूप ले लिया। अपनी रोजी-रोटी पर संकट गहराता देख दर्जनों फुटपाथी दुकानदारों ने नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर घंटों प्रदर्शन और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
आजीविका का संकट: “रेलवे केस की दे रहा धमकी, नप हटा रहा दुकान”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विशाल कुमार, संजय साह, मंजू देवी और चंदन कुमार गुप्ता ने प्रशासन के समक्ष अपनी व्यथा रखी। दुकानदारों का कहना है कि होली और ईद जैसे पर्व त्योहारों का सीजन सिर पर है और रोज-रोज की कार्रवाई से उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
दुकानदारों के मुख्य आरोप:
वेंडिंग जोन का अभाव: विक्रेताओं ने मांग की कि उन्हें उजाड़ने से पहले एक निश्चित स्थान (वेंडिंग जोन) दिया जाए।
रेलवे का पेंच: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें रेलवे की जमीन पर दुकान लगाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन अब वहां दुकान सजाने पर रेलवे प्रशासन प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की धमकी दे रहा है।
प्रशासनिक सख्ती: अतिक्रमण के नाम पर रोज दुकानों को हटाया जा रहा है, जिससे छोटे दुकानदारों की पूंजी डूब रही है।
अधिकारी की दो टूक: नाले के पीछे ही मिल सकेगी राहत
हंगामे के बीच नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) डॉ. मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि सड़क पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इसको ले कर पूर्व में ही सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी।
”अवैध रूप से सड़क के बीच और डिवाइडर पर सामान बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्राथमिकता है। यदि कोई दुकानदार नाले से पीछे अपनी सीमा में दुकान लगाता है, तो नगर परिषद उनका सहयोग करेगी।
पार्किंग को लेकर भी चेतावनी
ईओ ने केवल दुकानदारों ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी चेतावनी दी है कि मुख्य सड़क पर बेतरतीब ढंग से मोटरसाइकिल और गाड़ियां पार्क करने वालों पर भी नकेल कसी जाएगी। उन्होंने सभी से निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने की अपील की है।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से श्रीपति देवी, उमेश कुमार, महेश पंडित, गौरी शंकर, हरि शंकर बाबा, रत्नेश कुमार, सामू कुमार,रत्नेश कुमार समेत दर्जनों फुटपाथी विक्रेता मौजूद थे। पुलिस की समझाइश और आश्वासन के बाद फिलहाल प्रदर्शन खत्म हुआ, लेकिन वेंडिंग जोन की मांग को लेकर दुकानदारों में असंतोष बरकरार है।
