Saturday, March 7

रक्सौल: खुले में मांस-मछली बेचने पर प्रशासन सख्त, सात दुकानदारों को नोटिस; नियमों की अनदेखी पर होगी जेल और जुर्माना

रक्सौल।(Vor desk)। शहर में अवैध और खुले में मांस-मछली की बिक्री को लेकर नगर परिषद ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशानुसार, कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले सात बड़े दुकानदारों को बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के तहत आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध मांस विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।

इन दुकानदारों पर गिरी गाज

​निरीक्षण के दौरान जिन दुकानदारों को नोटिस थमाया गया है, उनमें शामा मुरादाबादी चिकेन, क्यामुदिन कुरैसी, हस्मुदिन कुरैसी, नौसाद आलम, फारूक आजम, मो. शमीम कुरैसी और राजू पॉल्ट्री फॉर्म के संचालक शामिल हैं। इन पर बिना वैध लाइसेंस के दुकान चलाने और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।

क्या हैं नए नियम और मानक?

​कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब मांस-मछली की बिक्री के लिए नगर निकाय से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार:

  • काले शीशे अनिवार्य: दुकानों को पूरी तरह ढक कर रखना होगा और काले शीशे का प्रयोग करना होगा ताकि बाहर से सामग्री दिखाई न दे।
  • प्रतिबंधित क्षेत्र: धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के समीप दुकानों के संचालन पर पूर्ण रोक है।
  • खुले में बिक्री मना: सड़क किनारे या खुले में मांस लटकाकर बेचना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

शहर के इन इलाकों में बेखौफ चल रहा कारोबार

​बता दें कि रक्सौल के मुख्य पथ, थाना और मस्जिद के समीप, डंकन रोड, एयरपोर्ट रोड, कौड़ीहार चौक, कोइरिया टोला, सैनिक रोड और ब्लॉक रोड जैसे प्रमुख इलाकों में मानक के विरुद्ध मांस की बिक्री हो रही है। शहर में एक भी व्यवस्थित फ्रेश हाउस या अधिकृत मांस-मछली बाजार नहीं होने के कारण दुकानदार सड़कों पर ही कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, नगर परिषद ने पूर्व में बूचड़खाना निर्माण की पहल की थी, लेकिन भ्रष्टाचार और घोटालों की भेंट चढ़ने के कारण यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

जागरूकता अभियान और सख्त कार्रवाई

​डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि प्रशासन केवल नोटिस तक सीमित नहीं रहेगा। वर्तमान में शहर के प्रमुख चौराहों पर बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों को सचेत किया जा रहा है। यदि इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं हुआ, तो दुकानों को सील करने के साथ-साथ भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

“शहर में अवैध मांस की दुकानों को चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ निरंतर छापेमारी अभियान चलता रहेगा।” > — डॉ. मनीष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद रक्सौल

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