
धादिङ/काठमांडू।(Vor desk)। नेपाल के धादिङ जिले में सोमवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ। पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पृथ्वी राजमार्ग के बेनीघाट रोराङ गाउँपालिका-5, भैँसीगौडा स्थित सड़क से करीब 200 मीटर नीचे सीधे त्रिशूली नदी में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में एक ब्रिटिश नागरिक सहित 19 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 28 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
रात के अंधेरे में चीख-पुकार, त्रिशूली में समाई बस
सशस्त्र प्रहरी बल (APF) के प्रवक्ता विष्णु प्रसाद भट्ट के अनुसार, यह दुर्घटना सोमवार तड़के करीब 1:30 बजे हुई। बस (नंबर: ग 1 ख 1421) तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर गहरी खाई को चीरते हुए नदी में जा समाई। रात के अंधेरे और त्रिशूली नदी के तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी और नेपाली सेना की संयुक्त टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शवों और घायलों को बाहर निकाला।

मृतकों की शिनाख्त: अब तक 9 की पहचान
प्रशासन ने अब तक 19 मृतकों में से 9 लोगों की आधिकारिक पहचान कर ली है:
- स्टेवार्ट डोमेनिक इथन (24 वर्ष, ब्रिटिश नागरिक)
- विवेक बस्तोला (40 वर्ष, पोखरा)
- चंद्र बहादुर कुँवर (63 वर्ष, काठमांडू)
- ओमकुमार मल्ल (40 वर्ष, तनहुँ)
- ईन्जिनियर ठकुरी (30 वर्ष, धादिङ)
- विष्णु माया (55 वर्ष, तनहुँ)
- लोप्साङ गोले (42 वर्ष, काठमांडू)
- हरिप्रसाद सिग्देल (तनहुँ)
- नबिन्द्र श्रेष्ठ (55 वर्ष, पाल्पा)
28 घायलों का काठमांडू में उपचार जारी
हादसे में घायल सभी 28 लोगों की पहचान कर ली गई है। गंभीर रूप से घायल 24 यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है:
- राष्ट्रीय ट्रमा सेंटर: 14 घायलों का उपचार चल रहा है।
- नेशनल अस्पताल, कलंकी: 10 घायलों को भर्ती कराया गया है।
- अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है।
सरकार की त्वरित कार्रवाई: उच्च स्तरीय जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह गृह मंत्रालय में गृहमन्त्री ओमप्रकाश अर्याल की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई।
- छानबीन समिति: सरकार ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच समिति के गठन का निर्णय लिया है।
- राहत पैकेज: बैठक में मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों का मुफ्त उपचार सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
- बैठक में उपस्थिति: गृह सचिव, यातायात सचिव, सड़क विभाग के महानिदेशक और तीनों सुरक्षा निकायों के प्रमुख शामिल हुए।
